न्यायपालिका

नया न्यायिक सवेरा – जब न्याय समय पर मिले, तो हर घाव भर जाता है

प्रो. आरके जैन “अरिजीत” भारतीय न्याय व्यवस्था में कुछ फैसले केवल कानूनी आदेश नहीं होते, बल्कि बदलाव की नई दिशा तय करते हैं। 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश ऐसा ही एक ऐतिहासिक हस्तक्षेप है। न्यायमूर्ति...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

न्यायपालिका के आत्मावलोकन की जरूरत को स्वीकार करें मीलार्ड! 

मनोज कुमार अग्रवाल     एनसीईआरटी की कक्षा आठ की एक किताब में न्यायपालिका से जुड़ी विवादित सामग्री पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपत्ति जताने के बाद सरकार द्वारा न्यायिक भ्रष्टाचार से संबंधित विवादास्पद अंशों को हटाने का निर्णय लिया है।गुरुवार सुप्रीम कोर्ट...
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