रंगों का त्योहार

कहीं श्मशान की राख कहीं फूलों से खेली जाती है होली!

मनोज कुमार अग्रवाल     समूचे देश समेत विशेषकर उत्तर भारत में मनाया जाने वाला होली पर्व आस्था विश्वास ऋतु परिवर्तन और सामाजिक एकता का लोकपर्व है। होली के दिन समूचा समाज सवर्ण असवर्ण गरीब अमीर सबल निर्बल राजा प्रजा ऊंच नीच...
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होली एआई रे…

जानिए कैसे डिजिटल युग में रंगों से ज़्यादा फ़िल्टर और डेटा का त्योहार बन गई है
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होली: परिवार, समाज और राष्ट्र का हो लेने का पर्व

प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश     होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भारतीय जीवन-दर्शन का जीवंत उत्सव है। यह ऐसा पर्व है जो व्यक्ति को परिवार से, परिवार को समाज से और समाज को राष्ट्र की व्यापक चेतना से जोड़...
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