सामाजिक चेतना

जेब में पलता अदृश्य ज़हर: सोशल मीडिया और युवा मन का संकट

   [आभासी सफलता का दबाव और युवा मन का अवसाद] [सोशल मीडिया: मनोरंजन नहीं, मानसिक प्रदूषण का नया दौर]    ·      प्रो. आरके जैन “अरिजीत”    कभी मानव सभ्यता को खतरा बाहरी प्रदूषणों से था—धुएँ से, प्लास्टिक...
टेक्नोलॉजी  सोशल मीडिया 

सामाजिक बदलाव में किताब की भूमिका' विषय पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा विशेष व्याख्यान का आयोजन

दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट    ब्यूरो प्रयागराज। आज इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. धीरेन्द्र वर्मा शताब्दी सभागार में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. जिसका विषय 'सामाजिक बदलाव में किताब की भूमिका' था. मुख्य वक्ता प्रो. अर्चना सिंह...
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