जलवायु परिवर्तन

गर्मी की मार, गिरता जनस्वास्थ्य: आखिर कब जागेगी नीति-व्यवस्था?

तपता हुआ आसमान अब सिर्फ मौसम का मिज़ाज नहीं, बल्कि एक सुलगता संकट है जो हमारी सांसों, श्रम और अस्तित्व को चुपचाप निगल रहा है। आसमान की तीखी तपिश एक अदृश्य आपदा बन चुकी है, जिसने भारत...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

मौसम का विज्ञान: जो केवल बताता नहीं, जीवन बचाता है

प्रो. आरके जैन “अरिजीत” क्षितिज पर अचानक छा जाने वाला घना अंधकार, समुद्र की गर्जन करती लहरें और प्रकृति की अनिश्चित चाल—मौसम का यह स्वरूप केवल परिवर्तन नहीं, बल्कि चेतावनी का संकेत भी है। 23 मार्च 2026 का...
ख़बरें 

तपता मार्च, सूखता पानी: क्या हम असली समस्या से भाग रहे हैं?

प्रो. आरके जैन “अरिजीत”   सुबह की हवा में अब वसंत की ठंडक नहीं, गर्मी की तीखी आहट है, और यही हाल कई शहरों में फैल चुका है। मार्च 2026 में दिल्ली में पारा  35.7°C तक पहुंचा – पहले...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में रास्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया  गया

सिद्धार्थनगर, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की  कुलपति प्रो कविता शाह की अध्यक्षता में गौतम बुद्ध सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की मुख्य थीम “सतत भविष्य के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विज्ञान में महिलाएँ” रही,...
आपका शहर  पश्चिमी उत्तर प्रदेश