जलवायु परिवर्तन
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मौसम परिवर्तन जल की कमी मिट्टी का कटाव परिवेश में हमारे किसान और कृषि पर संकट बढ़ रहा है, कृषि वैज्ञानिक - प्रोफेसर प्यारेलाल
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By Swatantra Prabhat UP
दया शंकर त्रिपाठी।ब्यूरो प्रयागराज। हिमाचल प्रदेश में राजकीय कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे डॉक्टर अशोक कुमार प्यारेलाल ने कहा है कि मौसम परिवर्तन जल की कमी मिट्टी का कटाव परिवेश में हमारे किसान और किसी पर संकट बढ़ रहा...
जलवायु परिवर्तन का गहराता संकट: युद्ध, समुद्री तापमान और ‘वेस्टर्न वेव्स’ का भारत पर प्रभाव
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By Abhinav Shukla
लखनऊ | अप्रैल..., 2026 अप्रैल का महीना, जो कभी वसंत की सुखद अनुभूति का प्रतीक माना जाता था, आज 40–43°C की झुलसा देने वाली गर्मी का संकेतक बन गया है। उत्तर भारत, विशेषकर लखनऊ, दिल्ली, राजस्थान और मध्य गंगा के...
जलवायु परिवर्तन का गहराता संकट: युद्ध, समुद्री तापमान और ‘वेस्टर्न वेव्स’ का भारत पर प्रभाव
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By Swatantra Prabhat UP
प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह अप्रैल..., 2026 अप्रैल का महीना, जो कभी वसंत की सुखद अनुभूति का प्रतीक माना जाता था, आज 40–43°C की झुलसा देने वाली गर्मी का संकेतक बन गया है। उत्तर भारत, विशेषकर लखनऊ, दिल्ली, राजस्थान और...
हर मिनट उजड़ते ग्यारह फुटबॉल मैदान जितने जंगल—मानव विकास या विनाश ?
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By Swatantra Prabhat UP
जल, जंगल और जमीन—प्रकृति के ये तीनों आधार स्तंभ समस्त जीव-जगत के जीवन की धुरी हैं। किंतु विडंबना यह है कि आधुनिक और शिक्षित मानव ने अपने तथाकथित विकास की अंधी दौड़ में इन्हीं आधारों का निर्मम दोहन किया...
आग उगलती भीषण गर्मी में प्यासे कंठों की कौन सुने दास्तां
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By Swatantra Prabhat UP
देश के कई राज्यों में इस समय भीषण और भयावह गर्मी का प्रकोप जारी है। हर वर्ष तापमान अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाइयां छू रहा है। आसमान से बरसती आग ने मानो समस्त जीव-जंतुओं के कंठ सूखा दिए...
पृथ्वी दिवस: पर्यावरण संरक्षण की चेतना और मानव अस्तित्व का आधार
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By Swatantra Prabhat UP
हर वर्ष 22 अप्रैल को मनाया जाने वाला पृथ्वी दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं है, बल्कि यह मानव सभ्यता के लिए चेतावनी और संकल्प का प्रतीक है। यह दिन हमें यह समझाने का प्रयास करता है कि जिस पृथ्वी...
गर्मी की मार, गिरता जनस्वास्थ्य: आखिर कब जागेगी नीति-व्यवस्था?
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By Swatantra Prabhat UP
तपता हुआ आसमान अब सिर्फ मौसम का मिज़ाज नहीं, बल्कि एक सुलगता संकट है जो हमारी सांसों, श्रम और अस्तित्व को चुपचाप निगल रहा है। आसमान की तीखी तपिश एक अदृश्य आपदा बन चुकी है, जिसने भारत...
मौसम का विज्ञान: जो केवल बताता नहीं, जीवन बचाता है
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By Swatantra Prabhat UP
प्रो. आरके जैन “अरिजीत” क्षितिज पर अचानक छा जाने वाला घना अंधकार, समुद्र की गर्जन करती लहरें और प्रकृति की अनिश्चित चाल—मौसम का यह स्वरूप केवल परिवर्तन नहीं, बल्कि चेतावनी का संकेत भी है। 23 मार्च 2026 का...
तपता मार्च, सूखता पानी: क्या हम असली समस्या से भाग रहे हैं?
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By Swatantra Prabhat UP
प्रो. आरके जैन “अरिजीत” सुबह की हवा में अब वसंत की ठंडक नहीं, गर्मी की तीखी आहट है, और यही हाल कई शहरों में फैल चुका है। मार्च 2026 में दिल्ली में पारा 35.7°C तक पहुंचा – पहले...
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में रास्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया
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By Swatantra Prabhat UP
सिद्धार्थनगर, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो कविता शाह की अध्यक्षता में गौतम बुद्ध सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की मुख्य थीम “सतत भविष्य के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विज्ञान में महिलाएँ” रही,...

