मानव चेतना का उत्कर्ष: आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक समरसता

मानव चेतना का उत्कर्ष: आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक समरसता

प्रो.(डा) मनमोहन प्रकाश     वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भौतिक संपदा की प्रचुरता के बीच मानवीय संवेदनाओं का अकाल एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। आज की महती आवश्यकता केवल सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि नहीं, बल्कि व्यक्ति को प्रबुद्ध मनुष्य,...
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