जम्मू के कटरा में श्रद्धालुओं से भरी बस में हुए धमाके के साथ अग्नि की चपेट में आए यात्री

जम्मू के कटरा में श्रद्धालुओं से भरी बस में हुए धमाके के साथ अग्नि की चपेट में आए यात्री

जम्मू के कटरा में श्रद्धालुओं से भरी बस में हुए धमाके के साथ अग्नि की चपेट में आए यात्री



बस में फायदा गढ़ क्षेत्र के एक महिला श्रद्धालुओं की हुई मौत

हैदरगढ़ बाराबंकी। 

बीते शुक्रवार को जम्मू के कटरा में श्रद्धालुओं से भरी बस में हुए धमाके के साथ अग्नि की चपेट आये यात्रियों में हैदरगढ़ क्षेत्र की एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई है वहीं कई लोग घायल हैं जिनका उपचार स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। इस बस दुर्घटना में चालक परिचालक पहले ही कूद कर भाग लिया, इससे चालक परिचालक को आतंकी संगठन से जुड़े होने की साजिश की बू आने की चर्चा है। 

गौरतलब है कि गत शुक्रवार को कटरा से जम्मू के लिए श्रद्धालुओं से भरी बस आ रही थी जिसमें हैदरगढ़ क्षेत्र से गये लगभग दो दर्जन श्रद्धालू भी सवार थे।  इन श्रद्धालुओ में शामिल एक 32 वर्षीय महिला की जहां आग की चपेट में आने से मौत हो गई वहीं कई घायल जम्मू स्थित सरकारी हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। यह हादसा था या बस चालक परिचालक की कोई साजिश इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं ।

स्थानीय कोतवाली अंतर्गत पूरे प्रसाद व गंगादीन का पुरवा मजरे रौली , बारा व थाना सुबेहा क्षेत्र के धनौती पुरवा ग्राम से 9 पुरुषों 11 महिलाओं एवं चार बच्चों का एक जत्था माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गया था। गत शुक्रवार को मां के दर्शन के पश्चात उक्त श्रद्धालु जम्मू जाने के लिए एक अशोक लीलैंड बस में किराया तय करके सवार हुए। जिसके बाद दोपहर बाद लगभग 3:00 से 4:00 के बीच बस कटरा से जम्मू के लिए प्रस्थान कर गई अभी बस ने बमुश्किल डेढ़ किलोमीटर का सफर तय किया था कि बस में एक-एक करके एक मिनट के अंदर दो धमाके हुए और बस आग व धुए की चपेट में आ गई । 

इसी बस में सवार पूरे प्रसाद निवासी जय जय राम की विवाहित पुत्री लक्ष्मी पत्नी जगदीश पुत्र राम अवतार निवासी धनौती का पुरवा थाना सुबेहा आग की लपटों से घिर गई और जब तकअग्निशमन दल आग बुझाता तब तक जलकर उसकी मौत हो चुकी थी।  इस हादसे में बारा गांव के कन्हैया लाल(60) गंगादीन पुरवा निवासी राम कुमार (35) जय जय राम के बड़े भाई थारू(70) पूरे प्रसाद निवासी जयराम के पड़ोसी सुरेश कुमार की पत्नी गीता देवी, लखनऊ निवासी कोमल आदि घायल हो गए। जिनमें रामकुमार थारू व कोमल का जम्मू स्थित अस्पताल में उपचार चल रहा है ।

इस बस में सवार बारा गांव निवासी कन्हैयालाल बताते हैं कि जब वह कटरा बस अड्डे पर वाहन में सवार होने गए तो वाहन चालकों में होड़ मच गई जिसके बाद उन्होंने साथ के लोगों की सलाह पर  अशोक लेलैंड बस में सफर करना तय किया और सवार हो गए उनके ग्रुप से 24 लोगों के अलावा बस में लगभग 50 सवारियां थी बस चलने के दौरान रास्ते में भी 6 -7 सवारियां और चढ़ गई इस दौरान बस चालक बार-बार परिचालक से पानी की बोरी आगे लगने की बात कर रहा था और जैसे ही परिचालक चालक के पीछे स्थित तीसरी सीट के निकट पहुंचा वैसे ही एक धमाका हुआ और पूरी बस में धुआ ही धुआ हो गया ।


कन्हैयालाल के मुताबिक पहले धमाके के बाद चालक और परिचालक बस से कूद गया और एक मिनट में दूसरा धमाका हो गया जिसके बाद बस में चीख-पुकार मच गई जो जैसे पाया बस से कूद पड़ा।  जबकि तमाम लोग बस में ही फंसे रह गए दूसरे धमाके के बाद बस की छत उड़ गई और बस आग का गोला बन गई कन्हैया लाल ने बताया कि 7 मिनट बाद अग्निशमन दल के आने के पहले ही उन्होंने चोट खाने के बावजूद ढलान पर उतर रही बस में सवार आधा दर्जन लोगों को किसी तरह  बचाया परंतु आग का गोला बनी अपनी भांजी लक्ष्मी की जान नहीं बचा सके। इस बस में जयराम की पत्नी कमलेश कुमारी,पुत्र साहब शरण, मृतका के ससुर रामअवतार आदि  मौजूद थे।

 कन्हैया लाल ने बताया कि घटना के बाद जम्मू प्रशासन का रवैया बड़ा खराब रहा और काफी देर बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ उन्होंने कहा कि मीडिया वाले भले ही 4 लोगों की मौत दिखा रहे हो परंतु मौतें ज्यादा हुई है क्योंकि तमाम लोग बस में फंसकर आग का गोला बने हुए थे बताया कि घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षित बचे लोगों को अपने घेरे में ले लिया और कवरेज करने पहुंचे मीडिया से दूर कर दिया ।

हैदर गढ़ बाराबंकी कटरा में हुए बस हादसे मृतक हुई लक्ष्मी का भले ही थाना सुबेहा क्षेत्र स्थित ससुराल में अंतिम संस्कार हो गया हो फिर भी मृतका के मायके में आज भी कोहराम मचा हुआ है। अपनी आंखों के सामने पुत्री को लास्ट में तब्दील होते देखने वाली उनकी मां का रो रो कर बुरा हाल हैं। 
लगभग 1 सप्ताह पूर्व स्थानीय कोतवाली के पूरे प्रसाद निवासी जय जय राम की पत्नी कमलेश कुमारी पुत्र साहब शरण बड़े भाई थारू व जय जय राम कि विवाहित पुत्री लक्ष्मी एवं 7 वर्षीय नातिन विधि मृतका के ससुर रामअवतार सहित अन्य रिश्तेदार हंसी खुशी के माहौल में माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए रवाना हुए थे।
माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद जब वे जम्मू के लिए बस से रवाना हुए तो उन्हें यह गुमान  तक नहीं था कोई हादसा होने वाला है। परंतु इस हादसे के दौरान बस में ही सवार मृतका की मां कमलेश कुमारी एवं मामा कन्हैया लाल एवं अन्य कई रिश्तेदार तो बचकर बाहर निकल आए लेकिन उनकी आंखों के सामने ही लक्ष्मी की आग से जलकर मौत हो गई इस हादसे के बाद कल शाम अपने घर पहुंची कमलेश कुमारी का रो रो कर बुरा हाल है।
 बार-बार अपनी बेटी के बारे में सोचकर बदहवास हो रही है। इसी हादसे में घायल हुई इसी गांव निवासी गीता देवी पत्नी सुरेश कुमार 32 वर्ष ओके घटना को याद करके बदहवास हो जाती है। इस घटना की जानकारी के बाद रिश्तेदारों का दोनों घरों में तांता लगा हुआ है। और सभी लोगो  की आंखें इस घटना के बारे में जानकर नम हो रही हैं
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