नगर निगम की 'अजब' नीति: ठीक-ठाक नाली का नवनिर्माण, जर्जर को भगवान भरोसे छोड़ा

कानपुर नगर निगम के अधिकारियों पर लगा भ्रष्टाचार और जन-प्रतिनिधि की अनदेखी का आरोप

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कानपुर। स्मार्ट सिटी की राह पर चल रहे कानपुर में नगर निगम के कारनामे विकास की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। गोविन्द नगर क्षेत्र में नगर निगम ने भ्रष्टाचार और सरकारी धन की बर्बादी का एक ऐसा नमूना पेश किया है, जिसे देख क्षेत्रीय जनता दंग है। जहाँ एक ओर जर्जर नाली के कारण लोग चोटिल हो रहे हैं और घरों की नींव खतरे में है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों ने अपनी जेबें भरने के लिए एक 'भली-चंगी' नाली को तोड़कर दोबारा बनवा दिया।
 
​क्या है पूरा मामला?
गोविन्द नगर दक्षिण के नंदलाल चौराहा से चावला मार्केट चौराहा तक जाने वाली ब्लाक-8 पट्टी की नाली पिछले कई वर्षों से अत्यंत जर्जर है। नाली धंसने के कारण न केवल जलभराव होता है, बल्कि ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। क्षेत्रीय व्यापारियों और निवासियों ने इसकी दर्जनों बार शिकायत की। हद तो तब हो गई जब क्षेत्रीय विधायक महेश त्रिवेदी के अनुशंसा पत्र को भी अधिकारियों ने कूड़े के ढेर में डाल दिया।
​अधिकारियों ने दी 'आश्वासन की घुट्टी'
 
क्षेत्रीय निवासी प्रकाश वीर आर्य द्वारा IGRS पर की गई शिकायत के जवाब में नगर निगम के अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता ने लिखित रूप से आश्वासन दिया था कि विद्यार्थी मार्केट पट्टी (जो पहले से ठीक थी) का काम खत्म होते ही ब्लाक-8 वाली जर्जर पट्टी का निर्माण शुरू होगा। लेकिन विडंबना देखिए, विद्यार्थी मार्केट का काम खत्म हुए तीन महीने बीत गए, मगर जर्जर नाली की तरफ विभाग ने मुड़कर भी नहीं देखा।
​भ्रष्टाचार की बू या लापरवाही?
 
व्यापारियों का सीधा आरोप है कि नगर निगम ने कमीशनखोरी के चक्कर में उस पट्टी की नाली बनवा दी जिसे मरम्मत की जरूरत ही नहीं थी। "बनी-बनाई नाली को दोबारा बनाना सरकारी पैसे की खुली डकैती है," यह कहना है क्षेत्रीय व्यापारियों का। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने जानबूझकर मुश्किल काम (जर्जर नाली) को छोड़ दिया और आसान काम (मजबूत नाली) दिखाकर बजट ठिकाने लगा दिया। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि यदि अगले एक सप्ताह के भीतर ब्लाक-8 पट्टी की नाली का निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे नगर निगम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे और इस भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री पोर्टल और एंटी-करप्शन ब्यूरो में करेंगे।

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