लंगूर ने छत से धकेला, 11 वर्षीय बच्ची की मौत, दो माह से बंदरों का आतंक 

हरैया सतघरवा जिले के सोहेलदेव वन्यजीव अभयारण्य के बरहवा रेंज क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।

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 बलरामपुर हरैया सतघरवा जिले के सोहेलदेव वन्यजीव अभयारण्य के बरहवा रेंज क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। थाना हर्रैया सतघरवा के ग्राम पंचायत गौरामाफी गांव में शुक्रवार शाम करीब पांच बजे छत पर खेल रही 11 वर्षीय मासूम बच्ची को एक लंगूर ने धक्का दे दिया,जिससे वह नीचे जा गिरी। इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
 
शुक्रवार शाम गांव निवासी अशोक की 11 वर्षीय बेटी शुभि अपने घर की छत पर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी एक लंगूर वहीं आया और शुभि को धक्का दे दिया।धक्का लगते ही बच्ची छत से नीचे जा गिरी। गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट आई और वह बेहोश हो गई।हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग तुरंत निजी वाहन से शुभि को लेकर संयुक्त अस्पताल बलरामपुर पहुंचे।
 
वहां डॉक्टरों ने सिर फटने के कारण उसकी हालत को अत्यंत गंभीर देखते हुए बहराइच रेफर कर दिया। लेकिन बहराइच ले जाते समय रास्ते में ही शुभि ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की खबर सुनते ही घर और पूरे गांव में मातम छा गया।ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब दो महीनों से इस पूरे क्षेत्र में लंगूर बंदरों का आतंक बना हुआ है। दो दर्जन से अधिक बंदरों का झुंड आए दिन लोगों को परेशान करता है।
 
बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा इनके निशाने पर रहते हैं। ग्रामीण पहले ही इस समस्या को लेकर वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत करा चुके थे, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते विभाग ने कदम उठाए होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।इस संबंध में रेंजर बृजेश सिंह परमार ने बताया कि घटना की सूचना मिल गई है और टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
 
उन्होंने जंगल से सटे गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हालांकि ग्रामीण विभाग के इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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