खुले आसमान के नीचे जिंदगी, इंसाफ की राह देखती खैरानी की बुजुर्ग महिला

Swatantra Prabhat Desk Picture
Published On

लखीमपुर खीरी, निघासन तहसील के खैरानी गांव की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला का दर्द दिल को झकझोर देने वाला है। पति के स्वर्गवास के बाद जिस इंदिरा आवास और छप्पर की झोपड़ी को उन्होंने अपना सहारा बनाया था, उसी पर दबंगों ने कब्जा कर लिया और झोपड़ी तक तोड़ दी। संतान न होने के कारण वह पूरी तरह अकेली हैं।
 
आशियाना छिन जाने के बाद यह बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। वह बताती हैं कि पिछले कई वर्षों से निघासन तहसील से लेकर जिला प्रशासन तक दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला।उम्र के इस अंतिम पड़ाव पर उनकी बस एक ही गुहार है उन्हें उनका घर और सम्मान वापस  दिया जाय।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें