सोनभद्र में स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा दिखा रहे ग्राम प्रधान, टोल प्लाजा मंदिर में शौचालय के लिए सालों से तड़प रहे महंत और श्रद्धालु
हनुमान मंदिर में शौचालय का अभाव, स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा दिखा रहे जन प्रतिनिधि
अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
एक ओर केंद्र और राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर और हर सार्वजनिक स्थान पर शौचालय बनवाने का दावा कर रही है, वहीं सोनभद्र के हाथीनाला टोल प्लाजा (मालूघाट) के समीप स्थित हनुमान मंदिर इस बुनियादी सुविधा से कोसों दूर है। यहाँ के महंत और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु पिछले कई वर्षों से एक अदद शौचालय के लिए तरस रहे हैं।हाथीनाला टोल प्लाजा के ठीक बगल में स्थित हनुमान मंदिर न केवल स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह अंतरराज्यीय मार्ग पर होने के कारण राहगीरों का भी मुख्य पड़ाव है।

Read More निर्माणाधीन स्कूल में घटिया सामग्री के इश्तेमाल पर आक्रोश, अपना दल एस ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापनमंदिर के महंत श्री श्री 108 श्री बड़कू महाराज जी ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि मंदिर परिसर में शौचालय न होने के कारण उन्हें और यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं और बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह स्थिति अत्यंत अपमानजनक और कष्टकारी है। महंत जी का कहना है कि उन्होंने मालूघाट के ग्राम प्रधान को इस समस्या से कई बार अवगत कराया है।
बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रधान के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकार द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय निर्माण के लिए पर्याप्त बजट दिया जाता है, फिर भी मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थान को अनदेखा किया जा रहा है। प्रधान की यह उदासीनता सीधे तौर पर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को विफल बनाने और शासन की छवि खराब करने की कोशिश है।
श्रद्धालु दूर-दराज से आते हैं, लेकिन शौचालय न होने के कारण उन्हें खुले में जाना पड़ता है या शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। क्या एक मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधा देना प्रधान की जिम्मेदारी नहीं है। हम शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हैं।टोल प्लाजा के पास स्थित होने के कारण यहाँ से गुजरने वाले सैकड़ों राहगीर पानी और विश्राम के लिए मंदिर पर रुकते हैं।
शौचालय न होने से न केवल लोगों को परेशानी होती है, बल्कि मजबूरी में खुले में शौच जाने से आसपास के क्षेत्र में गंदगी और बीमारी का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि आखिर शौचालय कब बनेगा। मंदिर के महंत, स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने अब सोनभद्र जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से सामूहिक रूप से मांग की है कि मंदिर परिसर में तत्काल सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाए।
मालूघाट प्रधान की कार्यप्रणाली की जांच की जाए कि आखिर क्यों जनहित के इस कार्य को सालों से रोका गया है। अब देखना यह होगा कि सबका साथ, सबका विकास का नारा बुलंद करने वाली सरकार के अधिकारी इस मुद्दे पर कब संज्ञान लेते हैं और कब महंत व श्रद्धालुओं की यह वर्षों पुरानी समस्या दूर होती है।

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