IAS Success Story: पुलिस परिवार से IAS तक का सफर, जानिए इशिता राठी की UPSC जर्नी
पुलिस परिवार से मिला अनुशासन और प्रेरणा
इशिता राठी का संबंध एक पुलिस परिवार से है। उनके पिता दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं, जबकि मां मीनाक्षी राठी दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के पद पर तैनात हैं। घर में अनुशासन, मेहनत और सेवा भाव का माहौल बचपन से ही रहा, जिसने इशिता के व्यक्तित्व को मजबूत बनाया।
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इशिता की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के वसंत कुंज स्थित DAV पब्लिक स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएशन किया, जहां से उनके भीतर सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य और मजबूत हुआ।
Read More IAS Success Story: हरियाणा के छोटे से गांव से IAS तक का सफर, पढ़ें दिव्या तंवर की सक्सेस स्टोरीबिना कोचिंग, सिर्फ सेल्फ स्टडी पर भरोसा
UPSC की तैयारी के दौरान इशिता ने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने घर पर रहकर सिलेबस की गहराई से समझ बनाई, स्टैंडर्ड किताबों और करंट अफेयर्स पर फोकस किया और अपनी रणनीति खुद तैयार की। उनका मानना था कि सही दिशा में की गई मेहनत ही सबसे बड़ा मार्गदर्शक होती है।
पहली असफलता, दूसरी कोशिश में बड़ी सफलता
इशिता ने साल 2019 में पहली बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी कमजोरियों का विश्लेषण किया और तैयारी के तरीके में सुधार किया। साल 2021 में दूसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल कर देशभर में अपनी पहचान बना ली।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनीं IAS इशिता
IAS इशिता राठी की सफलता की कहानी लाखों युवाओं को यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी मंजिल तक पहुंचने में बाधा नहीं बन सकती। आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ बिना कोचिंग भी UPSC जैसी परीक्षा में टॉप किया जा सकता है।


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