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‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ को मिल रहा अपार जनसमर्थन, हिंदू एकता का संदेश दे रहे आचार्य धीरेंद्र शास्त्री
नई दिल्ली/वृंदावन। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा शुरू की गई “सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025” को देशभर में भारी जनसमर्थन मिल रहा है। यह पदयात्रा 7 नवंबर को दिल्ली के पवित्र छतरपुर मंदिर से आरंभ हुई, जो हरियाणा और उत्तर प्रदेश के 422 से अधिक क्षेत्रों से होकर 16 नवंबर को वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में महासभा के साथ संपन्न होगी।
फरीदाबाद पड़ाव पर हजारों श्रद्धालुओं ने पदयात्रा में भाग लिया, जिनमें धार्मिक, खेल और मनोरंजन जगत की कई प्रसिद्ध हस्तियां भी शामिल हुईं। इस अवसर पर भारतीय रेसलर द ग्रेट खली, क्रिकेटर उमेश यादव और पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन विशेष रूप से मौजूद रहे।
ग्रेट खली ने कहा, “हर किसी को इस पदयात्रा का हिस्सा बनकर इसे सफल बनाना चाहिए।”
शिखर धवन बोले, “आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का उद्देश्य हिंदुओं को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठाकर एकजुट करना है। मजबूत भारत के लिए हिंदुओं का एक होना आवश्यक है।”
वहीं उमेश यादव ने कहा, “यह सब भगवान की कृपा है, हर व्यक्ति को अपने धर्म और ईश्वर के प्रति जागरूक होना चाहिए।”
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी यात्रा स्थल पर पहुंचकर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री से भेंट की और यात्रा को आशीर्वाद दिया। इसके अलावा अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास महाराज भी पदयात्रा में शामिल हैं।
अपने संबोधन में आचार्य शास्त्री ने कहा—
Read More अनीता आडवाणी का दावा खारिज, राजेश खन्ना संग संबंध को 'विवाह' मानने से इनकार: बॉम्बे हाईकोर्ट“राष्ट्र एकजुट हो रहा है, हिंदू जाग रहा है और सड़क पर आ रहा है। भारत जातिवाद से मुक्त होकर राष्ट्रवाद की विचारधारा को अपनाएगा। यह यात्रा यमुना को गंगा की तरह पवित्र बनाने और सनातन धर्म की अखंड एकता को स्थापित करने का प्रयास है।”
यह पदयात्रा केवल धार्मिक एकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यमुना नदी की सफाई, ब्रज क्षेत्र में मांस-शराब पर प्रतिबंध, और सांस्कृतिक जागरूकता जैसे सामाजिक संदेश भी दे रही है।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में जया किशोरी, कवि कुमार विश्वास, अक्षरा सिंह, सुनील ग्रोवर, तथा संत-साध्वी ऋतंभरा, चिदानंद मुनि, स्वामी ज्ञानानंद महाराज जैसी हस्तियों के भी इस यात्रा से जुड़ने की संभावना है।
लगभग 10 दिनों की इस यात्रा में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी और पाँच करोड़ लोगों तक संदेश पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। देखा जाए तो “सनातन हिंदू एकता पदयात्रा” केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक-सांस्कृतिक आंदोलन बनकर उभर रही है — जो आस्था, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता के संदेश को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।


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