गुजरात में गुमनाम पार्टियां डकार गईं 4300 करोड़ चुनावी चंदा

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प्रयागराज । गुजरात में कुछ गुमनाम दलों को 4300 करोड़ का चुनावी चंदा मिला। इन दलों को चुनाव में चंद हजार वोट मिले लेकिन चंदा करोड़ों में मिला। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि क्या चुनाव आयोग इसमें भी एफिडेविट मांगेगा या नियम बदल देगा। ''गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला! इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है। ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां? क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?''
 
ये शब्द नेता विपक्ष राहुल गांधी के हैं। उन्होंने एक्स पर बुधवार 27 अगस्त को यह लिखा है। इस बीच चुनावी चंदे को वेरिफाई करने वाले गुजरात के कुछ चार्टर्ड एकाउंटटेंट (सीए) के खिलाफ आईसीएआई ने जांच शुरू कर दी है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने एक महीना पहले इस चुनावी चंदा फ्रॉड की रिपोर्ट दी थी और बताया था कि पांच गुमनाम पार्टियों को यह पैसा मिला था। लेकिन गुजरात के अखबारों ने अब बताया है कि गुजरात की 10 गुमनाम पार्टियों को यह चंदा मिला है।
 
गुजरात में पिछले पाँच वर्षों में तीन चुनावों में पाँच ऐसे दलों ने कुल मिलाकर केवल 22,000 वोट हासिल किए, फिर भी उन्होंने ₹2,316 करोड़ की संयुक्त आय घोषित की। अकेले एक वित्तीय वर्ष में, इन दलों की आय ₹1,158 करोड़ थी। उच्च आय के बावजूद, इन दलों ने 2019 से 2024 के बीच दो लोकसभा चुनावों और एक विधानसभा चुनाव में केवल 17 उम्मीदवार ही मैदान में उतारे- जिनमें से कोई भी नहीं जीता। इन पाँच दलों में से कई सारे 2018 के बाद रजिस्टर्ड हुए थे।

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