साढ़े दस साल बंद पड़े स्मृति शेष अधिकारी के कमरे से मिला 22 लाख रूपया

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29 जनवरी 2014 को

अम्बेडकरनगर। अपर सीएमओ के सरकारी आवास में एक दशक तक ताला बन्द रहा. अब जब एक दशक बाद इस सरकारी आवास को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए. इस आवास में  अन्य सामनों के साथ 2016 में नोटबन्दी के बाद चलन से बाहर हो चुके एक हजार और पांच सौ रुपये की नोटों की गड्डी मिली है. जब इन पैसों की गिनती की गई तो 22 लाख से अधिक की रकम निकली. इन नोटों को ट्रेजरी में जमा कराया गया है।

दरअसल, इस आवास में रहने वाले अपर सीएमओ बीएन तिवारी की 29 जनवरी 2014 को इसी सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी. इसके बाद से ही इस आवास में ताला बन्द कर दिया गया था. इसके बाद न तो मृतक एसीएमओ बीएन तिवारी के परिवार से कोई आया और न ही विभाग को इसे खोलने की आवश्यकता महसूस हुई. करीब एक दशक तक इस आवास में ताला बंद रहा. इस बीच आधा दर्जन से अधिक सीएमओ आये और चले गए लेकिन इस तरफ किसी की नजर नही गयी. जबकि उसी आवास के ऊपरी तल पर सीएमओ का आवास है.

डीएम से अनुमति लेकर तोड़ा कमरे का ताला
अब जब नये सीएमओ डॉ संजय कुमार शैवाल ने इस आवास की मरम्मत कराने का निर्णय लिया. इसके बाद विभागीय अभिलेख खंगाले गये तो इस आवास को सील करने का कोई कागज नही मिला. पुलिस विभाग से पता किया तो पता चला कि वहाँ भी कोई अभियोग इस मामले में पंजीकृत नही था. इसके बाद जिलाधिकारी से अनुमति लेकर टीम बनाकर ताला वीडियोग्राफी के बीच ताला तोड़वाया गया.

कमरे से बरामद हुई 22 लाख से अधिक रकम

इस दौरान कमरे के अंदर अन्य सामनो के साथ बिस्तर के नीचे और अलमारी में 22 लाख 48 हजार रुपये रखे मिले. ये नोट पुराने एक हजार और पांच सौ रुपये के थे, जो 2016 में नोटबन्दी के बाद चलन से बाहर कर दिए  गए है. इन रुपयो को ट्रेजरी में जमा करा दिया गया है।

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