सुल्तानपुर का अधिवक्ता महेंद्र मौर्या हत्याकांड घर से 500 मीटर दूर बाग में हुआ, बेटे ने दी मुखाग्नि, भारी पुलिस बल तैनात

राजमन राजभर के बेटे गुल्लू राजभर ने पिता की मौत का बदला लेने के लिए विजय राजभर की हत्या की योजना बनाई।

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सुल्तानपुर-अखंडनगर
 
 
सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र के मरुई किशुनदासपुर में अधिवक्ता महेंद्र मौर्या का मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके पुत्र अजय मौर्या ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार घर से 500 मीटर दूर बाग में किया गया।
 
रविवार की रात अधिवक्ता महेंद्र मौर्या की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई सीताराम मौर्या की शिकायत पर गांव के राजाराम मौर्या के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों के बीच जमीनी विवाद चल रहा था। इस मामले में निचली अदालत ने महेंद्र के पक्ष में फैसला दिया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने राजाराम के पक्ष में फैसला सुनाया था।
 
सोमवार शाम दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार, गोली दाहिनी कनपटी से लगी और बाईं ओर से बाहर निकली। शव के पैतृक गांव पहुंचने पर परिजनों ने एसडीएम कादीपुर उत्तम कुमार तिवारी को मांग पत्र सौंपा।
 
समाजवादी पार्टी से जुड़े होने के कारण पूर्व विधायक भगेलू राम और पार्टी के अन्य क्षेत्रीय नेता अंतिम संस्कार में शामिल हुए। कादीपुर बार से कोई पदाधिकारी नहीं पहुंचा, लेकिन कुछ अधिवक्ता साथी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अखंडनगर, कादीपुर, दोस्तपुर, करौंदीकला, चांदा और बल्दीराय थानों के पुलिस अधिकारी मौके पर तैनात रहे।
 
मरुई किशुनदासपुर में 3 जुलाई 2023 को दो किसानों की हत्या का मामला सामने आया। किसान धर्मराज मौर्य (60) और राजभर बस्ती के विजय कुमार राजभर (45) को उनके खेतों के पास गोली मार दी गई। पुलिस ने एक माह बाद मामले का खुलासा किया। जांच में पता चला कि यह हत्याकांड 2013 की एक पुरानी रंजिश से जुड़ा है। उस वर्ष गांव में हुई मारपीट में राजमन राजभर की मृत्यु हो गई थी। इस मारपीट में विजय राजभर को आरोपी बनाया गया था।
 
राजमन राजभर के बेटे गुल्लू राजभर ने पिता की मौत का बदला लेने के लिए विजय राजभर की हत्या की योजना बनाई। घटना के समय धर्मराज मौर्य भी विजय के साथ थे। गवाह न बचे इसलिए उनकी भी हत्या कर दी गई।
 
पुलिस ने इस मामले में गुल्लू राजभर उर्फ विजय बहादुर, प्रिंस राजभर, किसेंदर राजभर और शुभम दुबे को गिरफ्तार किया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने 2023 के घटनाक्रम का सही खुलासा नहीं किया है। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण चिंतित हैं कि इस तरह की स्थिति में आगे कोई अप्रिय घटना हो सकती है।

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