पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर स्मृति अभियान के तहत नगर पंचायत में महिला सशक्तिकरण का आयोजन

अहिल्या बाई होल्कर प्रशासनिक क्षमता, परोपकार और धार्मिकता के लिए जानी जाती हैं।

राजेश तिवारी Picture
Published On

डाला में अहिल्याबाई होल्कर के स्मृति पर महिला सशक्तिकरण का आयोजन

अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

डाला/सोनभद्र-

शुक्रवार को स्थानीय वैभव मैरिज लॉन, नगर पंचायत डाला बाज़ार में भाजपा डाला मंडल द्वारा मंडल अध्यक्ष संदीप सिंह पटेल की अध्यक्षता में पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी स्मृति अभियान 2025 के तहत नगर पंचायत महिला सशक्तिकरण सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोनभद्र अमरेश सिंह पटेल कार्यक्रम में मौजूद रहे।

IMG-20250531-WA0002

जिलाधिकारी ने राजकीय मेडिकल कॉलेज लोढ़ी का किया औचक निरीक्षण,  दिये व्यवस्थाओं को सुधारने के  निर्देश Read More जिलाधिकारी ने राजकीय मेडिकल कॉलेज लोढ़ी का किया औचक निरीक्षण, दिये व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश

इस दौरान उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर एक प्रसिद्ध मराठा शासिका थीं, जिन्होंने 1767 से 1795 तक मालवा राज्य पर शासन किया। वे अपनी प्रशासनिक क्षमता, परोपकार और धार्मिकता के लिए जानी जाती हैं। उनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गांव में हुआ था। देवी अहिल्याबाई होलकर (31 मई 1725 -13 अगस्त 1795) मराठा साम्राज्य की एक प्रसिद्ध शासिका और महारानी थीं।

गांव से बारात लेकर गया अधेड़ गायब, हाइवे किनारे संदिग्ध परिस्थिति में मिला जला शव, ग्रामीणों में आक्रोश Read More गांव से बारात लेकर गया अधेड़ गायब, हाइवे किनारे संदिग्ध परिस्थिति में मिला जला शव, ग्रामीणों में आक्रोश

वे मल्हार राव होल्कर की धर्मपत्नी और खंडेराव होलकर की माँ थीं। उन्हें अपने कुशल शासन, परोपकार और धार्मिक कार्यों के लिए जाना जाता है। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक नि० मंडल अध्यक्ष दीपक दूबे ने बताया कि होलकर राजवंश, जिसे इंदौर का होलकर राजवंश भी कहा जाता है, भारत में एक मराठा शासक वंश था। इसके संस्थापक मल्हार राव होलकर थे। यह राजवंश 1721 में पेशवा की सेवा में शामिल हुआ और बाद में मराठा महासंघ का एक स्वतंत्र सदस्य बन गया।

एडीओ पंचायत ने अपने सुविधा के अनुसार कुछ सफाईकर्मियों के कार्य क्षेत्र में किया बदलाव Read More एडीओ पंचायत ने अपने सुविधा के अनुसार कुछ सफाईकर्मियों के कार्य क्षेत्र में किया बदलाव

बाद में यह ब्रिटिश भारत की एक रियासत बन गई। मल्हार राव होलकर ने होलकर वंश की स्थापना की। वे एक किसान थे जो अपनी योग्यता के बल पर आगे बढ़े। तत्पश्चात महिला वक्ता किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष हेमलता जायसवाल ने बताया कि जब अहिल्याबाई आठ साल की थीं, तो उन्हें उनके गांव के मंदिर में सेवा करते हुए मालवा क्षेत्र के स्वामी और पेशवा बालाजी राव की मराठा सेना के कमांडर मल्हार राव होलकर ने देखा।

उनके व्यवहार से प्रभावित होकर मल्हार राव ने अपने बेटे खंडेराव (1723-54) के साथ उनकी शादी तय कर दी, जो उस समय 10 साल के थे, उस समय बाल विवाह आम बात थी। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष पाल ने विस्तार से रानी अहिल्याबाई के जीवन पर चर्चा की एवं महिलाओं को यह बताया कि आप भी इनसे प्रेरणा लेकर के आगे बढ़ सकती हैं और अपने देश और समाज के लिए भी कार्य कर सकती हैं। इस दौरान कार्यक्रम में पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश जैन, पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी चंद्रावती देवी, मंडल उपाध्यक्ष उर्मिला देवी, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, पूनम, सभासद विशाल गुप्ता, सभासद अवनीश पांडे, सभासद संतोष, सभासद ज्ञान देवी, विकास जायसवाल, कृपाशंकर पांडे, रोहित गोस्वामी, श्रीनिवास यादव, आदि भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मंडल महामंत्री बृजेश पांडे ने किया।

Post Comments

Comments