सोनभद्र में मई-जून में मॉर्निंग कोर्ट का संचालन, दूर के वादकारियों को होगी असुविधा
दूर के वादकारियों के लिए समय से कोर्ट पहुंचना एक चुनौती से कम नहीं।
जनपद न्यायालय सोनभद्र
राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश- इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए, संयुक्त बार एसोसिएशन के प्रस्ताव पर जनपद न्यायाधीश रविंद्र विक्रम सिंह ने सोनभद्र में आगामी दो माह, यानी मई और जून, तक मॉर्निंग कोर्ट संचालित करने का आदेश जारी किया है। इस निर्णय से एक तरफ जहां दूर-दराज से आने वाले वादकारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, वहीं स्थानीय वादकारियों को कुछ राहत मिलने की संभावना है।
गौरतलब है कि सोनभद्र जिले की सीमाएं चार राज्यों - मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड - से लगती हैं। इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से भिन्न हैं। मई और जून के महीनों में यहां अत्यधिक गर्मी पड़ती है।
इसी कारण, इलाहाबाद हाईकोर्ट के 31 मई 2019 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, सोनभद्र बार एसोसिएशन और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त प्रस्ताव पर, जनपद न्यायाधीश रविंद्र विक्रम सिंह ने 19 अप्रैल 2025 को दो महीने के लिए मॉर्निंग कोर्ट चलाने का आदेश पारित किया है।
यह आदेश जनपद न्यायालय सोनभद्र के साथ-साथ वाह्य न्यायालय अनपरा स्थित ओबरा, दुद्धी और ग्राम न्यायालय घोरावल पर भी प्रभावी होगा। मॉर्निंग कोर्ट का संचालन सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कार्यालय का समय सुबह 6:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसमें सुबह 10:30 बजे से 11 बजे तक मध्यावकाश रहेगा।
मॉर्निंग कोर्ट के संचालन से जहां दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले वादकारियों को परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं के कारण असुविधा हो सकती है, वहीं सोनभद्र के आसपास रहने वाले वादकारियों के लिए यह समय अपेक्षाकृत अधिक सुविधाजनक साबित हो सकता है। उन्हें गर्मी की तपिश से कुछ हद तक राहत मिल सकेगी। हालांकि, दूर के वादकारियों के लिए सुबह जल्दी यात्रा करना और समय पर पहुंचना एक चुनौती बन सकता है। इस नए व्यवस्था से न्याय प्रक्रिया पर क्या समग्र प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।


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