आखिर क्या वन विभाग और पुलिस की मिली भगत से प्रतिबंधित लड़कियों का हो रहा था चिरान

आरा मशीन पर मिली भारी मात्रा में कई प्रजातियों की प्रतिबंधित लकड़ी जिम्मेदारो पर खड़ा कर रही सवाल

आखिर क्या वन विभाग और पुलिस की मिली भगत से प्रतिबंधित लड़कियों का हो रहा था चिरान

स्वतंत्र प्रभात
अम्बेडकरनगर। एक तरफ सरकार के द्वारा पर्यावरण बचाने की मुहिम चलाई जा रही हैं। करोडों का बजट खर्च कर पौधरोपण कराया जा रहा है। ताकि वातावरण का संतुलन बना रहे। वही दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते लकड़ी माफियाओं की लगातार चाँदी कट रही है। प्रतिबंधित पेड़ो को बेरोकटोक काटा जा रहा है। साथ ही उनका चिरान भी लाइसेंसी आरा मशीन संचालक द्वारा निडर होकर किया जा रहा है। सम्बंधित मामला बसखारी थानाक्षेत्र के किछौछा अन्तर्गत पुलिस चौकी के समीप स्थित गोलपुर में संचालित आरामशीन का है।
 
शिकायत के बाद प्रभागीय वनाधिकारी प्रणव जैन के द्वारा कार्यवाही की जा रही है। आपको बता दें प्रतिबन्धित लकड़ी की चिरान की खबर कवरेज करने पहुँचे पत्रकार से मशीन संचालक के गुर्गो द्वारा खबर कवरेज करने से मना करने के साथ अभद्रता करने लगे। साथ ही उसके द्वारा जो बातें बताई गई थी उसे जानकर आपके होश उड़ जाएंगे। आरामशीन संचालक ने कहा पेड़ कटते से लेकर चिरान की जानकारी वन विभाग और पुलिस को रहती है। बड़ी बात यह है कि आरामशीन पर इतने भारी मात्रा में मिली प्रतिबंधित लकड़ी की कटान आखिर कैसे हो गई।
 
अनुमान लगाया जा रहा है की ये लकड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से काटी गई है। आखिर क्षेत्रीय वन कर्मचारी कहा थे उनको इसकी सूचना क्यो नही मिल पाई। साथ ही पुलिस चौकी के पास भी प्रतिबंधित लकड़ी की चिरान, क्षेत्र में पेड़ो की कटान होती रही स्थानीय प्रशासन क्या कर रहा था। इससे आखिर क्या समझा जाय की जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी नही समझ रहे हैं। या फिर आरा मशीन संचालक के द्वारा जो बातें मीडिया कर्मी से बताई गई। इससे वन विभाग और पुलिस की मिलीभगत साफ जाहिर हो रही है।
 
मीडिया कर्मी के शिकायत के बाद प्रभागीय वनाधिकारी प्रणव जैन एवं रेंज स्टाफ के द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। लाइसेंसी आरा मशीन पर प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी पाई गई। प्रभागीय वनाधिकारी प्रणव जैन ने बताया कार्यवाही करते हुए रेंज केस  संख्या R.C.N 37/2023-24 किया गया है एवं जांच की जा रही है। आरा मशीन पर महुआ, आम, शीशम, सागौन आदि प्रजाति की प्रतिबंधित लकड़ी पाई गई है। अभियुक्त के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। आखिर क्या विभाग इतनी बड़ी लापरवाही के मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ भी कोई कार्यवाही अमल में लाएगा। यह भी अपने आप मे एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

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