निराश्रित पशुओं के लिए चरागाहों की भूमि पर लगाई जाएगी नेपियर घास 

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स्वतंत्र प्रभात 
 
मिल्कीपर, अयोध्या। निराश्रित गोवंश को हरा चारा उपलब्ध कराने व चरागाह की भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए चा राजा की जमीनों पर प्रदेश सरकार नेपियर घास लगाएगी इसको लेकर प्रदेश भर में 45 दिनों का अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 11 जुलाई से शुरू होकर 25 अगस्त तक चलेगा। अभियान को लेकर सरकार की ओर से सभी जिला अधिकारियों को पत्र पूर्व में जारी किया जा चुका है। हरा चारे की उपलब्धता में आने वाली कमी को पूरा करने आप सीजन में भुसे के बढ़ते दामों से निजात पाने, व निराश्रित गोवंशों को स्वस्थ रखने के लिए अभियान चलाया जाएगा। 
जिलाधिकारी के अलावा समय-समय पर चारागाह की जमीन पर नेपियर घास की देखरेख की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी को भी सौंपी गई है। नेपियर घास की बुवाई के बाद अब गौशालाओं में मौजूद निराश्रित गोवंश को भी हरा चारा मिलने की उम्मीद जग रही है। डॉ एस के सिंह ने बताया कि नेपियर घास की खेती से पूरे साल पशुओं को हरा चारा उपलब्ध रहता है या चारा पौष्टिकता से भरपूर होता है इस में औसतन प्रोटीन की मात्रा 7 से 12 प्रतिशत तक पाई जाती है प्रारंभिक अवस्था में चारे में लगभग 12 से 14 प्रतिशत शुद्ध पदार्थ पाया जाता है इसकी पत्तियों में 9. 30 प्रतिशत और तने में 4. 40 प्रतिशत प्रोटीन पाई जाती है। इतना ही नहीं खेत में इसकी बुवाई से खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र में लगभग एक दर्जन गौशालाओं में निराश्रित गोवंश मौजूद है। कुछ ग्राम पंचायतों के चरागाह की भूमि पर निराश्रित पशुओं को चारा खिलाने के लिए हरा चारी भी तैयार किए जा रहे हैं।

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