प्रेमचंद

साहित्य का सत्य,समाज की नैतिक चिंता है

साहित्यिक रचनाएं सभी जगह एक और साहित्य सत्य की साधना शिवत्व की कामना और सौंदर्य की अभिव्यंजना हैl शुद्ध, जीवंत एवं उत्कृष्ट साहित्य मानव एवं समाज की संवेदना और उसकी सहज वृत्तियों को युगों युगों तक जनमानस में संचारित करता...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

मारवाड़ी महाविद्यालय में मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर  संगोष्ठी का हुआ आयोजन

मारवाड़ी महाविद्यालय में मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर  संगोष्ठी का हुआ आयोजन स्वतंत्र प्रभात - रांची : हंसराज चौरसिया  सोमवार को मारवाड़ी महाविद्यालय के जेसी बोस हॉल में हिन्दी विभाग के द्वारा कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती...
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