महेन्द्र तिवारी लेख

युद्ध के मुहाने से लौटी दुनिया

महेन्द्र तिवारी दुनिया कभी-कभी ऐसे मोड़ों पर आ खड़ी होती है, जहाँ एक निर्णय पूरी सभ्यता के भविष्य को बदल सकता है। हाल के घटनाक्रम में यही स्थिति तब बनी जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

रोटी से बड़ी हो गई गैस - शहर छोड़ते मजदूरों की मजबूरी

महेन्द्र तिवारी भारत में प्रवासी मजदूरों का संकट एक बार फिर सामने खड़ा है, और इस बार इसकी जड़ में केवल आर्थिक मंदी या रोजगार की कमी नहीं, बल्कि एक गहरा ऊर्जा संकट है, जिसने शहरों की...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

देशभक्ति की आवाज थे माखनलाल चतुर्वेदी

महेन्द्र तिवारी भारतीय साहित्य के आकाश में माखनलाल चतुर्वेदी एक ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र हैं, जिनकी आभा ने न केवल हिंदी काव्य जगत को आलोकित किया, बल्कि स्वाधीनता संग्राम की वेदी पर अपनी लेखनी को समिधा बनाकर अर्पित कर...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

हनुमान जयंती: भक्ति, शक्ति और समर्पण का अद्भुत संगम

महेन्द्र तिवारी हनुमान जयन्ती का पावन पर्व हिंदू धर्मानुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी उत्सव है। यह दिन भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो शक्ति, भक्ति,...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

महावीर स्वामी: मानवता के सच्चे मार्गदर्शक

महेन्द्र तिवारीमहावीर जयंती भारत के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक पर्वों में से एक है, जो जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्मोत्सव के रूप में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। यह...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

मर्यादा,त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के सर्वकालिन प्रतिमान प्रभु श्री राम

रामनवमी का पावन पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि मर्यादा, धर्म और आदर्श जीवन मूल्यों की स्मृति का दिवस है। इस दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ, जिन्हें भारतीय संस्कृति में “मर्यादा पुरुषोत्तम” के रूप में सर्वोच्च स्थान प्राप्त...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

श्रीरामनवमी: आत्मशुद्धि और आदर्श जीवन की ओर एक कदम

महेन्द्र तिवारी भारतीय संस्कृति की विशालता और उसकी गहराई का अनुमान उन पर्वों से लगाया जा सकता है जो न केवल कैलेंडर की तिथियों को परिभाषित करते हैं, बल्कि जनमानस के हृदय में नैतिकता और धर्म के बीज बोते...
आपका शहर 

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में गणेश शंकर विद्यार्थी की पत्रकारिता

महेन्द्र तिवारी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल राजनीतिक आंदोलनों और सशस्त्र क्रांतियों का इतिहास नहीं है, बल्कि यह उस 'चौथे स्तंभ' के जागरण की भी गाथा है, जिसने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ जनमत बनाने में...
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