मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता

स्वस्थ भारत: अस्पताल से बाहर, हर द्वार और हर घर तक

जब दुनिया बीमारियों और बदलावों की दोराहे पर खड़ी है, तब विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 उम्मीद, विज्ञान और नए भारत की सबसे मजबूत आवाज बनकर सामने आया है। यह केवल एक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के सामने...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

जेब में पलता अदृश्य ज़हर: सोशल मीडिया और युवा मन का संकट

   [आभासी सफलता का दबाव और युवा मन का अवसाद] [सोशल मीडिया: मनोरंजन नहीं, मानसिक प्रदूषण का नया दौर]    ·      प्रो. आरके जैन “अरिजीत”    कभी मानव सभ्यता को खतरा बाहरी प्रदूषणों से था—धुएँ से, प्लास्टिक...
टेक्नोलॉजी  सोशल मीडिया