संसदीय विमर्श के नए मानक और राघव चड्ढा की तथ्यपरक राजनीति

संसदीय विमर्श के नए मानक और राघव चड्ढा की तथ्यपरक राजनीति

महेन्द्र तिवारी    भारतीय लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था संसद में जन सरोकारों की अभिव्यक्ति जब आंकड़ों की शुचिता और तार्किक प्रखरता के साथ होती है, तो वह केवल राजनीति नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का दस्तावेज बन जाती है। हाल के...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार