ग्राम प्रधान ने गरीब का आबादी जमीन में बना आशियाना गिरवाया /

ग्राम प्रधान ने गरीब का आबादी जमीन में बना आशियाना गिरवाया / संतोष तिवारी( रिपोर्टर ) भदोही। सरकार जहां सभी को अगले दो वर्ष भर में छत देने की बात कर रही है वही समाज में ऐसे भी मामले देखने को मिलते है जहां एक गरीब को आवास देने की बात तो दूर बेचारे का

ग्राम प्रधान ने गरीब का आबादी जमीन में बना आशियाना गिरवाया /

संतोष तिवारी( रिपोर्टर )

भदोही।

सरकार जहां सभी को अगले दो वर्ष भर में छत देने की बात कर रही है वही समाज में ऐसे भी मामले देखने को मिलते है जहां एक गरीब को आवास देने की बात तो दूर बेचारे का आबादी की जमीन पर कई वर्षों से बना घर भी दबंग प्रधान ने शौचालय बनाने के नाम पर गिरा दिया। और डर वश गरीब कही शिकायत नही किया। क्योकि उस गरीब को डर है कि शिकायत करने पर उसे ग्राम प्रधान के कहर का शिकार होना पडेगा।

और बेचारा गरीब ग्राम प्रधान के अत्याचार को सहते हुए मौन साधे हुए है। यह मामला कोइरौना थाना क्षेत्र के बारीपुर ग्राम सभा का है। जहां पासी बस्ती में आबादी की जमीन में मकान बनाकर करीब 20 वर्षों से गरीब परिवार सत्यनारायण गुप्ता का एक कमरा बना हुआ था। वहीं पर इसकी बूढ़ी मां और पत्नी के साथ गुजर बसर कर रहे गरीब परिवार का मकान हाल ही में बने बारीपुर के ग्राम प्रधान राधेश्याम दुबे के द्वारा इस गरीब परिवार का मकान गिरा दिया गया।

और वही गुप्ता परिवार का कहना है कि हम लोग करीब 20 वर्षों से यहां पर अपनी बूढ़ी मां व पत्नी बेटे के साथ आबादी की जमीन खाली पड़ी हुई थी। और करीब 20 वर्षों से इस आबादी की जमीन पर एक मकान बनवा कर बसर गुजर कर रहा हूँ। इसके बीच कितने प्रधान आए और गए लेकिन अभी हाल ही में बने सदस्यों के द्वारा चुने गए प्रधान राधेश्याम दुबे ने हमारे मकान को गिरा कर यहां पर सरकारी शौचालय का निर्माण कराने की बात कह हमारे मकान को गिरा दिया

और मेरे द्वारा रोके जाने पर लड़ाई करने लगे और बोले कि ज्यादा बोलोगे तो बगल में जो भी तुम्हारी जमीन है वहां से भी निकलवा देने की धमकी देते हुए कहा कि तुम्हें जहा भी जाना है जाओ हम देख लेंगे ऐसे में इस गरीब परिवार की मदद कौन करें यह समस्या बनी हुई है।

और गुप्ता परिवार का कहना है कि अपनी बूढ़ी मां और बच्चों को लेकर कहां जाऊं ग्राम प्रधान से कह कर विनती भी किया लेकिन ग्राम प्रधान ने एक भी ना सुनी। आखिर इस तरह के दबंगों पर प्रशासन के लोग क्यों मौन साधे हुए है जो एक गरीब परिवार को एक छत देने की जगह उसका बना आशियाना भी गिरा दिया।

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