सीडीओ का बहादुरपुर एवं सिंहपुर में अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों का निरीक्षण

प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई व बायोगैस प्लांट से आय सृजन, स्वच्छता व ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा

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अमेठी।  मुख्य विकास अधिकारी अमेठी  पूजा साहू (आईएएस) द्वारा विकास खंड बहादुरपुर की ग्राम पंचायत बहादुरपुर में संचालित प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई (पीडब्ल्यूएमयू) का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यूनिट के संचालन, कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं उससे होने वाली आय की विस्तृत समीक्षा की गई।
 
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि अब तक प्लांट से 2 टन से अधिक श्रेडेड प्लास्टिक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना  के अंतर्गत ग्रामीण सड़क निर्माण में उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में मांग न होने के कारण प्लास्टिक कचरे को पृथक कर पारदर्शी एवं सफेद प्लास्टिक को स्थानीय जंक डीलर को 10 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया जा रहा है, जिससे अब तक 46,000 की आय ग्राम पंचायत के ओएसआर खाते में जमा की जा चुकी है।
 
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाइयाँ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन एवं ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन इकाइयों के माध्यम से प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) कर उसे उपयोगी संसाधन में परिवर्तित किया जा रहा है, जिससे न केवल प्रदूषण में कमी आ रही है, बल्कि ग्राम पंचायतों की आय में भी वृद्धि हो रही है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
 
इसके उपरांत मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास खंड सिंहपुर की ग्राम पंचायत खारा में संचालित 140 घन मीटर प्रतिदिन क्षमता वाले बायोगैस प्लांट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय प्लांट सुचारू रूप से संचालित पाया गया। प्लांट में जैविक अपशिष्ट से उत्पादित बायोगैस का उपयोग 25 KVA क्षमता के जनरेटर के माध्यम से विद्युत उत्पादन में किया जा रहा है, जिससे आटा चक्की एवं स्पेलर मशीन संचालित की जा रही हैं। प्लांट के माध्यम से चालू माह में लगभग ₹28,000 की आय अर्जित की गई है तथा विगत 6 माह में कुल ₹84,000 से अधिक की आय प्राप्त की जा चुकी है।
 
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि बायोगैस प्लांट स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन, जैविक कचरे के प्रभावी निस्तारण एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इनसे प्राप्त गैस व ऊर्जा का उपयोग स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ता मिल रही है।मुख्य विकास अधिकारी  पूजा साहू (आईएएस) ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी इन इकाइयों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करते हुए इनसे अधिकतम लाभ प्राप्त किया जाए तथा अन्य ग्राम पंचायतों में भी इस प्रकार के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाए।
 

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