भूमि विवाद में महिला से मारपीट व लूट, पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से किया न्याय की मांग 

-बैनामाशुदा जमीन पर कब्जे और नींव भरने से शुरू हुआ पूरा विवाद-प्रशासनिक सुलहनामे में तय शर्तों के बावजूद दोनों पक्षों में टकराव जारी डायल 112 पर सूचना के बाद भी थाने से बिना कार्रवाई लौटने का आरोप, एसपी से गुहार

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बस्ती। बस्ती जिले की पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल पीड़ितों को न्याय देने के बजाय उनको थाने से भगाया जाता है नहीं लिखी जाती है उनकी शिकायत पर रिपोट ताजा मामला थाना लालगंज क्षेत्र के ग्राम चित्राखोर में भूमि विवाद को लेकर स्थानीय निवासी लक्ष्मी पत्नी काली चरन उर्फ पप्पू ने पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपकर गांव के सोनू, मोनू व अमित पुत्रगण अम्बिका, मंजू पत्नी अम्बिका तथा कृष्ण कुमार उर्फ कचालू पुत्र चन्द्रभूषण पर मारपीट, अभद्रता, वस्त्र फाड़ने तथा जेवर व नकदी छीनने का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की मांग किया है।
 
पीड़िता के मुताबिक उसकी बैनामाशुदा जमीन गाटा संख्या 62 पर आरोपितों द्वारा करीब तीन फुट ऊँच नींव भर दी गई थी, उस दौरान वह परिवार सहित दिल्ली में रह रही थी, सूचना मिलने पर उसने निर्माण कार्य रुकवाया, इसके बाद आरोपित पक्ष द्वारा गाटा संख्या 89 में बिना बंटवारे के निर्माण कार्य शुरू किया गया, जिसमें छत डालना शेष बताया गया। मामले को लेकर उपजिलाधिकारी बस्ती और थानाध्यक्ष लालगंज को प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर 19 अप्रैल 2026 को सुलहनामा हुआ, सुलहनामे के अनुसार पीड़िता को अपनी जमीन गाटा संख्या 62 में भरी गई नींव हटाकर मलबा लेने के बाद ही दूसरे पक्ष को निर्माण आगे बढ़ाना था।
 
पीड़िता का कहना है कि 20 अप्रैल 2026 को वह जेसीबी लेकर नींव हटवाने मौके पर पहुंची, तभी मोनू पुत्र अम्बिका, उनकी पत्नी मंजू, सोनू की पत्नी तथा कृष्ण कुमार उर्फ कचालू मौके पर पहुंचे और मारपीट करने लगे, आरोप है कि पीड़िता को लात-घूंसों से पीटा गया, बाल पकड़कर घसीटा गया तथा गले का मंगलसूत्र, कान की बाली और ब्लाउज में रखा पर्स छीन लिया गया, जिसमें पांच हजार रुपये भी रखे थे।
 
शोर-शराबा होने पर आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया, सूचना पर डायल 112 पुलिस पहुंची और पीड़िता को थाने ले जाया गया, जहां कुछ समय बैठाने के बाद उसे वापस भेज दिया गया। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से प्रकरण में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा छीने गए जेवरात और नकदी वापस दिलाने की मांग किया है। पीड़िता ने कहा कि अगर न्याय ना मिला तो हम मूर्ख अधिकारियों के पास जाएंगे।

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