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सेवा ही श्रेष्ठ साधना है, विहिप के सेवा प्रकल्प में छात्रों के बीच नवीन वस्त्रों का वितरण
हजारीबाग, झारखंड:- सेवा ही श्रेष्ठ साधना है, जो मानव को देवत्व की ओर ले जाती है और उपयुक्त समय आने पर ईश्वर के दर्शन का माध्यम बनती है। इसी विचार को साकार करते हुए विश्व हिंदू परिषद हजारीबाग के सेवा प्रकल्प 'बिरसा विद्या मंदिर', डेमोटांड़ में वस्त्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों की सहायता के साथ समाज में सेवा और समरसता का संदेश भी प्रसारित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रभक्ति गीतों और सेवा संकल्प के साथ हुई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बरही के क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं सेवा प्रमुख त्रिवेणी साहू उपस्थित रहे। साथ ही विहिप के प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में सह जिला मंत्री गुरुदेव गुप्ता, पूर्णकालिक कार्यालय प्रभारी संजय सिंह और संघ के प्रथम वर्ग प्रशिक्षित रंजीत चंद्रवंशी ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई। अतिथियों का स्वागत विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने किया।
समारोह के दौरान विद्यालय के दर्जनों छात्रों के बीच नए वस्त्र वितरित किए गए। नए कपड़े पाकर बच्चों के चेहरों पर प्रसन्नता और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया, जिसने कार्यक्रम के उद्देश्य को सार्थक बना दिया। उपस्थित पदाधिकारियों ने बच्चों को अपने हाथों से वस्त्र प्रदान किए और उन्हें मन लगाकर शिक्षा ग्रहण करने की प्रेरणा दी।
अपने संबोधन में प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन ने कहा कि सेवा कार्य केवल मदद नहीं, बल्कि समाज के प्रति कर्तव्य है। उन्होंने बिरसा विद्या मंदिर जैसे प्रकल्पों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के साथ संस्कारों का भी बीजारोपण कर रहे हैं।
त्रिवेणी साहू ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। संघ और परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के उत्थान के लिए समर्पित है और भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य जारी रहेंगे।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने इस कार्य की सराहना की।

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