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दिल्ली में खुले गड्ढे और नालों बन रहे मौत का सबब सुरक्षा मानकों की हो रही अनदेखी
नई दिल्ली, जनकपुरी हादसे में 25 वर्षीय युवक कमल की मौत के बाद संबंधित एजेंसियो को सरकार की ओर से चेताया गया है। लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही बयां कर रही है। दिल्ली में विकास परियोजनाओ के तहत खोदे गए गड्ढे और नाले जानलेवा साबित हो रहें हैं।कई स्थानों पर गड्ढे खुले हुए हैं। लक्ष्मी नगर, वेलकम, सीलमपुर,मंडोली, हर्ष बिहार, आनंद पर्वत सहित ईस्ट, वेस्ट नार्थ और साउथ दिल्ली के कई इलाकों में बिना बैरिकेड्स और चेतावनी चिह्नों के ये खुले पड़े हैं।
दिल्ली मेट्रो,जल बोर्ड और नगर निगम से जुड़ी इन लापरवाहियों के कारण हादसे का ख़तरा बढ़ गया है। जगह जगह दुर्घटनाओं को दावत दे ते मलबों के ढेर पडे मिले जिन्हें उठाने वाल कोई नहीं है। बिना बेरिकेट्स लगाएं हों रहां निर्माण कार्य यह साबित करता है की ठेकेदार ज्यादा मुनाफे कमाने के लिए सुरक्षा मानकों का उलंघन कर रहे हैं। आउटर दिल्ली के मुंडका इलाके में सड़कों पर खुले नालों की वजह से भी बड़ा हादसा हो सकता है, वहीं कैपिटल पार्क मेट्रो स्टेशन के नीचे रोहतक रोड पर नाले के निर्माण का काम चल रहा है।
नतीजतन खोदे गए गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं।इसी तरह ईस्ट दिल्ली के विनोद नगर में सीवर सिस्टम के खुले मैन होल हर वहां से गुजरने वाले स्टूडेंट्स की जान के लिए खतरा बने हुए हैं।NH- 9 की सर्विस रोड पर विनोद नगर अंडरपास के सामने लगभग दस फुट चौड़ा खुला नाला किसी भी हादसा करवा सकता है। जनकपुरी में एक मौत के बाद भी हालत नहीं बदले है। दिल्ली में जगह जगह खुले गड्ढे और नालों इस बात का गवाह है कि संबंधित विभाग जनकपुरी जैसी घटना होने का इंतजार कर रहा है।

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