New Expressway: राजस्थान को मिलेगा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, इन लोगों को मिलेगा फायदा
New Expressway: राजस्थान को कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे को बालोतरा से गुजर रहे जामनगर–अमृतसर एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रस्तावित किया गया है। यह नया कॉरिडोर जयपुर शहर के बिल्कुल नजदीक से गुजरेगा, जिससे पिंक सिटी के दक्षिणी इलाकों में विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
अरण्य कलां से शुरू होकर बालोतरा तक जाएगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दौसा–लालसोट एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज पॉइंट अरण्य कलां से शुरू होगा। यहां से यह जयपुर के दक्षिणी हिस्से से होते हुए बालोतरा के पटाउ खुर्द के पास जामनगर–अमृतसर एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसकी कुल लंबाई करीब 400 किलोमीटर होगी।
Read More Haryana: हरियाणा में अब ऑटोमेटिक बनेगी बुढ़ापा पेंशन, सरकारी कार्यालयों के नहीं काटने पड़ेंगे चक्करयह एक्सप्रेसवे जयपुर, टोंक, अजमेर, ब्यावर, जोधपुर, बालोतरा और बाड़मेर समेत कुल 7 जिलों को सीधे तौर पर कनेक्ट करेगा। तय अलाइनमेंट के अनुसार, टोंक रोड पर जयपुर रिंग रोड से इसकी दूरी महज 9–10 किलोमीटर रहेगी।
जयपुर जिले के 200 से अधिक गांव होंगे कवर
Read More Haryana: हरियाणा में मुठभेड़ के बाद 7 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार, CIA की गोली से पैर में लगा छर्राजयपुर जिले में यह एक्सप्रेसवे कोटखावदा, चाकसू, वाटिका, तूंगा, रेनवाल मांझी, फागी, मौजमाबाद, दूदू और साखून सहित 200 से अधिक गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में करीब 110 किलोमीटर का दायरा कवर होगा। इसके चलते जयपुर–टोंक और जयपुर–अजमेर हाईवे भी सीधे जुड़ जाएंगे।
इसके अलावा यह एक्सप्रेसवे पुष्कर–मेड़ता मार्ग, एनएच-25 (ब्यावर–बाड़मेर) और एनएच-62 (पिंडवाड़ा) हाईवे से भी कनेक्ट होगा, जिससे पूरे मारवाड़ और शेखावाटी क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलेगा।
औद्योगिक विकास और रियल एस्टेट को मिलेगा बढ़ावा
नया ग्रीन कॉरिडोर पचपदरा रिफाइनरी और बाड़मेर क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इससे माल परिवहन तेज होगा और दिल्ली–मुंबई तथा जामनगर–अमृतसर जैसे बड़े आर्थिक कॉरिडोर आपस में जुड़ जाएंगे। जयपुर के दक्षिणी इलाकों में रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
चाकसू, कोटखावदा और फागी जैसे क्षेत्रों में जमीन और संपत्तियों की कीमतों में उछाल की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्साह है। चाकसू के एक व्यापारी का कहना है कि यह एक्सप्रेसवे पूरे क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, जबकि कोटखावदा के किसान नेताओं का मानना है कि इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
डीपीआर तैयार, भूमि अधिग्रहण की तैयारी
एनएचएआई इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है। मंजूरी मिलते ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिलेवार भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी संबंधित कलेक्टरों को सौंपी जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट राजस्थान के उन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में शामिल है, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की समीक्षा बैठक में भी इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए थे।
पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा फोकस
इस एक्सप्रेसवे को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। इसमें पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वन्यजीव क्रॉसिंग, बड़े पैमाने पर पौधारोपण और इको-फ्रेंडली डिजाइन को शामिल किया जाएगा। प्रभावित गांवों में सर्वे का काम शुरू हो चुका है और किसानों को उचित मुआवजा देने की व्यवस्था की जा रही है।
कुल मिलाकर, यह नया एक्सप्रेसवे जयपुर समेत पूरे मारवाड़ और शेखावाटी क्षेत्र के लिए विकास की नई इबारत लिखेगा और राजस्थान को देश के प्रमुख आर्थिक गलियारों से जोड़कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।


Comment List