नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
Haryana: हरियाणा में इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, हाईकोर्ट ने सुनाया ये बड़ा फैसला
Haryana News: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कैथल जिले के पुलिस कर्मचारियों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने रोहतक रेंज द्वारा वर्ष 2019 में जारी सीनियरिटी और प्रमोशन से संबंधित आदेश को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। यह फैसला कैथल के करीब 70 पुलिसकर्मियों, जिनमें एएसआई और एसआई रैंक के अधिकारी शामिल हैं, के लिए सीधी राहत लेकर आया है। इनमें से कुछ अधिकारी अब सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं।
क्या है मामला?
यह मामला सब-इंस्पेक्टर मोहिंदर सिंह और अन्य पुलिस कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता कर्मवीर सिंह बनयाना ने कोर्ट में दलील दी कि उनके मुवक्किल वर्ष 2004 से 2008 के बीच कैथल में हेड कांस्टेबल पद पर कन्फर्म हुए थे, जबकि जूनियर कर्मचारी जो 2009 से 2011 के बीच करनाल और पानीपत में कन्फर्म हुए, उन्हें 2019 में रोहतक रेंज द्वारा वरिष्ठता सूची में आगे कर दिया गया और एंटीडेटेड प्रमोशन भी दे दिए गए।
करनाल रेंज को ही है अधिकार
याचिका में तर्क दिया गया कि नियमों के अनुसार, हेड कांस्टेबल स्तर तक की वरिष्ठता जिला स्तर पर और एएसआई व एसआई स्तर की वरिष्ठता रेंज स्तर पर तय होती है। चूंकि कैथल, करनाल और पानीपत वर्ष 2011 से करनाल रेंज के अंतर्गत आते हैं, इसलिए इन जिलों के कर्मचारियों की सीनियरिटी और प्रमोशन का निर्णय केवल करनाल रेंज ही ले सकती थी। रोहतक रेंज को इसमें कोई हस्तक्षेप का अधिकार नहीं था।
हाईकोर्ट का आदेश
न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल की पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि रोहतक रेंज का आदेश पूरी तरह से अवैध और नियमों के खिलाफ था। कोर्ट ने इस आदेश को रद्द करते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया कि वे तीन माह के भीतर स्वयं या किसी अधिकारी को नियुक्त कर नए सिरे से निर्णय लें।
About The Author
संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l


Comments