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सिद्धार्थनगर में काला नमक चावल की खेती के लिए किसानों को दिया गया प्रशिक्षण
क्षेत्रफल दो हजार से बढ़कर 18 हजार हेक्टर हुआ, नवंबर में होगा क्रेता -विक्रेता सम्मेलन
स्वतंत्र प्रभात
सिद्धार्थनगर।
कलस्टर प्रभारी एवं कलस्टर हेतु चयनित कृषकों का प्रशिक्षण काला नमक चावल की वैज्ञानिक विधि से खेती के बारे में जानकारी दिये जाने हेतु विकास खण्ड बर्डपुर सभागार में जिलाधिकारी डा0 राजा गणपति आर0 की अध्यक्षता में शुक्रवार को सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलाधिकारी डा0 राजा गणपति आर0 ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में जानकारी प्राप्त कर खेती की पैदावार में वृद्वि करे। एक जनपद एक उत्पाद योजनान्तर्गत काला नमक चावल को चयनित किया गया है। इसके क्षेत्रफल में वृद्वि हुई है। इसका क्षेत्रफल 2000 हे0 से बढ़कर 18000 हे0 में खेती हो रही है। इसका क्षेत्रफल और बढ़ेगा। दिसम्बर 2024 में क्रेता विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस वर्ष माह नवम्बर 2025 में क्रेता विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। जिसमें बहुत व्यापारी आयेगे। किसानों को भी स्टाल के माध्यम से अपने उत्पाद को सीधे बेचने की सुविधा मिलेगी। काला नमक चावल में बहुत से गुण है। यह चावल जनपद की पहचान है। महात्मा गौतम बुद्ध ने इसे प्रसाद के रूप में दिया था। जिला प्रशासन द्वारा किसानों को पूरा सहयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी चावल को बेचने के लिए भी प्रयास किया जाएगा। काला नमक चावल की पहचान सिद्धार्थनगर के साथ ही उत्तर प्रदेश एवं पूरे विश्व में है।
इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुजम्मिल, खण्ड विकास अधिकारी बर्डपुर विजय सिंह, अपर कृषि अधिकारी सूरज मौर्य आदि उपस्थित थे।


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