कमीशन खोरी के चलते पंचायत सचिव व रोजगार सेवक हो रहे मालामाल

ग्राम प्रधान के परिवार व प्रधान के करीबी घर बैठ कर मनेरगा का निकाल रहे रुपए।

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निघासन खीरी- निघासन ब्लॉक मे महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में विकास क्षेत्र निघासन में जमकर हो रहा घोटाला आरटीआई के तहत जनहित में मांगी जाने वाली सूचना रद्दीकरण का काम कर रही हैं।और संबंधित अधिकारी एवं ग्राम प्रधान से लेकर रोजगार सेवक तक कमीशनखोरी की आकंठ तक डूब चुके हैं।जो कल फकीर थे,आज सरकारी पैसों से ठेकेदार व करोड़ों के मालिक बन बैठें हैं।
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास क्षेत्र निघासन की ग्राम पंचायत दौलतापुर मे मनरेगा द्वारा कराए गए समस्त कार्यों में काम करने वाले मजदूरों की सूची पंचायत भवनों व प्राईमरी स्कूलों पर चस्पा करवा दी जाये तो हकीकत खुद ब खुद सामने आ जायेगी,हो सकता हैं कि उक्त गांव के गरीब ग्रामीण इसका मुंह तोड़ जवाब ग्राम रोजगार सेवक व ग्राम प्रधान को जरुर देंगे।पर ऐसा जब किसी सरकार में नहीं हुआ हैं तो इस सरकार में होने की संभावनाएं न के बराबर हैं। जो कल फकीर थे आज वह ठेकेदारी में भी अच्छी खासी कमाई अर्चित कर चुके हैं ओर अधिक अर्चित करने में लगे हुए हैं।
 
गौरतलब बात यह हैं कि मनरेगा के तहत घर बैठें बिना काम करे केवल कमीशन पर पुरुष व महिलाएं भी ग्राम रोजगार सेवकों की मेहरबानी से बीसी/बैंकों के माध्यम से धका-धक रुपयें निकाल रही हैं।सूत्र बताते हैं कि ग्राम रोजगार सेवक जब से बने हैं,तबसे और अब तक इनकी सम्पत्ति लाखों से लेकर करोड़ों तक हो गई। इसकी जांच हो जाये तो प्रदेश सरकार में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों की आंखें खुली की खुली रह जायेगी।किंतु यह भी मुमकिन नहीं होगा।कुल मिलाकर मनरेगा से ग्राम रोजगार सेवक से लेकर ग्राम प्रधान व संबंधित अधिकारियों के घर महात्मा गांधी घर की तिजोरियों में बराबर विराजमान हो रहे हैं।

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