मच्छरों का आतंक: स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से बीमार पड़ रहे लोग

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जौनपुर। जिले में इन दिनों विषैले मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आमजन गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका और नगर पंचायतों के जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता, जनता पर पड़ रहा असर
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिला प्रशासन के लाख दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। गली-मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे मच्छरों का प्रजनन तेजी से हो रहा है। फॉगिंग और एंटी लार्वा स्प्रे जैसे जरूरी उपाय नदारद हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कागजी खानापूर्ति कर आंकड़ों को सही दिखाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी खराब
शहरी इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी मच्छरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से ही सीमित हैं, और अब मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। कई ग्रामीण इलाकों में बुखार और त्वचा संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का अमला इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

जनता में बढ़ रहा आक्रोश, जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग
बढ़ती बीमारियों और सरकारी तंत्र की निष्क्रियता से जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो यह संकट और विकराल रूप धारण कर सकता है।

क्या कहता है प्रशासन?
जब इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने दावा किया कि फॉगिंग और सफाई कार्य जारी है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि ये सिर्फ कागजी दावे हैं, वास्तविकता में कोई ठोस कार्य नहीं हो रहा है।

जनहित में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता
मच्छरों के आतंक को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को तुरंत सक्रिय होने की जरूरत है। नियमित रूप से फॉगिंग कराई जाए, गंदगी और जलभराव वाले क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जाए और बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। यदि प्रशासन जल्द से जल्द उचित कदम नहीं उठाता है, तो जौनपुर के नागरिकों को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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