फीचर्ड
राजनीति
ग्राम समाज की जमीन पर गोविंद डेयरी ने किया अवैध कब्जा
गोविंद डेयरी मालिक द्वारा अवैध कब्जा कर खड़ी कर दी बाउंड्री वॉल और कब्जा ली लगभग 1500 स्क्वायर फीट सरकारी जमीन
तत्कालीन ग्राम प्रधान वाले पाल की भूमिका सवालों के घेरे में
लखीमपुर खीरी - एक तरफ जहां यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सरकारी जमीनों को अवैध कब्जे से मुक्त कराये जाने और अवैध कब्जा धारकों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किए जाने के फरमान जारी किए जाते हैं पर उनके फरमानों का असर जनपद खीरी के अंतर्गत तहसील सदर के नामी दूध व्यवसाय समेत कई अन्य दबंग हुआ साधन संपन्न लोगों समेत तहसील के जिम्मेदार हुकुमरानों पर पड़ता नजर नहीं आ रहा है।
इसका जीता जागता उदाहरण ग्राम पंचायत सैधरी के अंतर्गत लखीमपुर भीरा पलिया मार्ग पर निकट उल नदी पुल के पास स्थित गोविंद दूध डेरी फैक्ट्री है इस फैक्ट्री के स्वामी द्वारा तत्कालीन ग्राम प्रधान और क्षेत्रीय लेखपाल से साठ गांठ करके धनबल की दम पर पीडब्ल्यूडी की पुरानी सड़क से सटी ग्राम समाज की 1500 वर्ग फीट बेसकीमती जमीन पर बाउंड्री वॉल खींचकर उक्त सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
यह अवैध कब्जा तहसील प्रशासन के जिम्मेदारों को नजर नहीं आ रहा है और ना ही क्षेत्रीय लेखपाल समेत जिला प्रशासन को ही नजर आ रहा है आखिर क्यों यदि कहीं किसी गरीब असहाय के पास जरा सा भी कब्जा हो वह इनको दिख भी जाता है उस पर दल बल के साथ पहुंचकर उसकी झोपड़ी को नेस्त नाबूत कर अपनी बड़ी-बड़ी फोटो खिंचवाकर अवैध कब्जा हटवाए जाने के नाम पर वाह वही लूट ली जाती है।
आखिर इस अवैध कब्जा पर जिले के कर्मठ साहबों की नजर क्यों नहीं पड़ रही है क्या सब की नजर में यह अवैध कब्जा नहीं है राजस्व विलेखो में तो यह ग्राम समाज के नाम दर्ज कागजात है भूमि शायद इसीलिए तो नहीं साहब यह साधन संपन्न और रसूखदार हैं इनके ऊपर एंटी भूमिया की प्रक्रिया लागू नहीं होती शायद यहां पर तुलसीदास की एक चौपाई समरथ को नही दोष गुसाईं अक्षरसा सटीक बैठ रही है।
यदि देखा जाए यहां पर सड़क के बाएं और दाएं बनी इमारतें ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जा होने की -चीखकर दस्त बयां कर रही है बस ईमानदार सुनने वाला ईमानदार कर्तव्य निष्ठ अफसर हो ना चाहिए तहसील अमले तक तो देसी घी दूध और मिठाई की मिठास कुछ करने से पहले ही विवश कर देती है यदि जिला अधिकारी ले संज्ञान और दिखाएं दृढ़ इच्छा शक्ति तो काफी सरकारी जमीन होगी कब्जा मुक्त और अवैध कब्जा धारकों के दिलों में फिर से बैठेगा प्रशासन का खौफ तथा अवैध कब्जा करने की प्रवृत्ति पर काफी हद तक लग सकेगी रोक शेष अगले अंक में सबूत के साथ।


Comments