भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है महाकुंभ : राज्यपाल

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जौनपुर । हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला प्रयागराज में लगे महाकुंभ के बारे में वहां पर की गई व्यवस्थाओं पर कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यवस्था सराहनीय है, यह ऐतिहासिक अवसर रहेगा। उन्होंने कहा कि यह महाकुंभ भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला रविवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मछली शहर तहसील क्षेत्र के निजामुद्दीन पुर गांव में भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री जगत नारायण दुबे की पौत्री के विवाह समारोह में शामिल होने के पश्चात पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
 
राज्यपाल ने आगामी महाकुंभ के बारे में अपने विचार साझा करते हुए बताया कि महाकुंभ का आयोजन 12 वर्षों के अंतराल में होता है, और यह संयोग 144 वर्षों बाद आया है। यह अवसर किसी भी व्यक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। राज्यपाल ने कहा कि इस बार महाकुंभ के आयोजन के लिए सरकार ने व्यापक प्रबंध किए हैं, ताकि हर एक श्रद्धालु को बेहतर सुविधा और सुरक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद आकर महाकुंभ के पूजन की प्रक्रिया को सम्पन्न किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
 
राज्यपाल ने यह भी बताया कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं, और ऐसे में करोड़ों लोगों के आगमन के साथ व्यवस्थाओं का सही तरीके से संचालन अत्यधिक महत्वपूर्ण है।राज्यपाल ने महाकुंभ को शास्त्रीय और सामाजिक दृष्टि से भारत की सनातन परंपरा का एक अद्वितीय अवसर बताया। उनका कहना था कि यह आयोजन भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है और इसे लेकर सभी श्रद्धालुओं को प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस पर्व का सही तरीके से लाभ उठाना चाहिए। राज्यपाल ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे शांतिपूर्वक और सुरक्षित रूप से इस महाकुंभ के दौरान अपनी धार्मिक क्रियाएं सम्पन्न करें और प्रशासन के साथ सहयोग करें, ताकि यह ऐतिहासिक अवसर सभी के लिए सुखद और स्मरणीय बन सके।
 

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