पांचाली

मैं सूतपुत्र कर्ण से नहीं करूंगी विवाह – द्रोपद पुत्री द्रौपदी

पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:- द्रौपदी के स्वयंवर सभा में जब अंगराज कर्ण ने नीचे पात्र में रखे तेल की छाया में मछली की आंख में निशान लगाने के लिए धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना चाहा तभी पांचाली बोल पड़ी—मैं नहीं करूंगी सूतपुत्र...
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