विचारों की शक्ति

प्रजातंत्र, वैचारिक स्वतंत्रता ही उसकी आत्मा और वास्तविक स्वरूप

प्रजातंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि नागरिकों और समाज की स्वतंत्र अभिव्यक्ति का जीवंत मंच है। किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी सेना या अर्थव्यवस्था से पहले उसके विचारों की स्वतंत्रता और सामाजिक चेतना में निहित होती है। जब...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार