नागरिक कर्तव्य

अधिकारों की तुलना में कर्तव्य और जिम्मेदारियां के प्रति हम ज्यादा अनभिग्य

महात्मा गांधी ने कहा था कि “अधिकारों का वास्तविक स्रोत कर्तव्य है, यदि हम अपने कर्तव्यों का पालन करें, तो अधिकार अपने आप मिल जाएंगे,” भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में अधिकार और कर्तव्य के बीच संतुलन का प्रश्न...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार