न्यायपालिका की भूमिका
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धर्म और समानता का द्वंद्व अदालत और परंपरा के बीच संतुलन की तलाश
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By Swatantra Prabhat UP
भारत जैसे बहुलतावादी समाज में धर्म, आस्था और परंपरा का गहरा स्थान रहा है। यहां विभिन्न धर्मों, संप्रदायों और उनके रीति-रिवाजों की विविधता ही इसकी पहचान है। ऐसे में जब किसी धार्मिक परंपरा और संवैधानिक मूल्यों के बीच टकराव उत्पन्न...
संस्थागत साख और सत्ता का खेल
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By Swatantra Prabhat UP
महेन्द्र तिवारीएक समय था जब राजनीति को महज विचारधाराओं का टकराव माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जो हमने देखा है, वह किसी साधारण राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से कहीं अधिक गहरा और भयावह है। इसे केवल...

