विचार
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रील बनाम रियल लाइफ
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By Swatantra Prabhat UP
मनोज कुमार अग्रवाल आज आपको अभिनेता आमिर खान का टीवी शो सत्यमेव जयते याद दिलाते हैं जिसमें वह हिन्दू मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए आलोचना कर अपना ज्ञान बांटते थे और सामाजिक न्याय एवं विज्ञान की व्याख्या करते नहीं...
तनाव के बढ़ते कारण और संतुलित जीवन की आवश्यकता
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आज का युग विज्ञान तकनीक और भौतिक सुविधाओं का युग है। मनुष्य ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं। इसके बावजूद उसका जीवन पहले की अपेक्षा अधिक तनावपूर्ण होता जा रहा है। बाहरी सुख सुविधाओं की वृद्धि के...
वसुधैव कुटुम्बकम भारत की वैश्विक धारणा और भावना
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By Swatantra Prabhat UP
भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन केवल अपने परिवार या राष्ट्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने संपूर्ण मानवता को एक परिवार मानने की उदात्त दृष्टि प्रदान की है। उपनिषदों का प्रसिद्ध वाक्य "वसुधैव कुटुम्बकम्" केवल एक आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि...
हे समाज, कुछ चेहरों की भूल पर हर बेटी को दोषी मत ठहराओ
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By Swatantra Prabhat UP
कृति आरके जैन यदि किसी मोहल्ले में एक घर की दीवार गिर जाए, तो क्या पूरा शहर जर्जर घोषित कर दिया जाता है? यदि एक डॉक्टर लापरवाह निकल जाए, तो क्या पूरा चिकित्सा जगत अपराधी हो जाता...

