बेटियां

हे समाज, कुछ चेहरों की भूल पर हर बेटी को दोषी मत ठहराओ

कृति आरके जैन यदि किसी मोहल्ले में एक घर की दीवार गिर जाए, तो क्या पूरा शहर जर्जर घोषित कर दिया जाता है? यदि एक डॉक्टर लापरवाह निकल जाए, तो क्या पूरा चिकित्सा जगत अपराधी हो जाता...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार