कुपोषण की रोकथाम के लिए अब गऊ माता बनेंगी परिवार का सहारा

कुपोषण को दूर करने में गाय का दूध किया जायेगा प्रयोग अमेठी। जनपद में बढ़ते कुपोषण की रोकथाम के लिए अब गऊ माता का सहारा लिया जाएगा। सरकारी प्रक्रिया के तहत पात्रों को मनचाही गाय दिलाई जाएगी। लेकिन पात्र के पास उसके पालने के लिए जगह होना आवश्यक है। गाय के दूध से जहां बच्चे

कुपोषण को दूर करने में गाय का दूध किया जायेगा प्रयोग


अमेठी।  जनपद में बढ़ते कुपोषण की रोकथाम के लिए अब गऊ माता का सहारा लिया जाएगा। सरकारी प्रक्रिया के तहत पात्रों को मनचाही गाय दिलाई जाएगी। लेकिन पात्र के पास उसके पालने के लिए जगह होना आवश्यक है। गाय के दूध से जहां बच्चे का शारीरिक विकास होगा वही कुपोषण भी दूर होगा।जिला कार्यक्रम अधिकारी सरोजनी देवी ने बताया कि सरकार ने उत्तम पोषण उत्तर प्रदेश रोशन अभियान के तहत कुपोषण को मात देने के लिए नई योजना तैयार की है।महिलाओं एवं बच्चों में बढ़ते कुपोषण पर अब गऊ माता के जरिये रोका जायेगा। कुपोषण को दूर करने के लिए गोवंश को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है,जो बच्चे या महिला कुपोषित की श्रेणी में शामिल है,उन्हें गाय दी जाएगी। लेकिन इसके तहत यह शर्त होगी कि संबंधित लाभार्थी उक्त गाय को बेच या छोड़ नहीं सकता है। उन्होंने बताया कि गौशाला में दुधारू गाय हैं या नहीं उनका चिन्हाकन मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के द्वारा कराया जा रहा है और खास बात यह है कि पात्र अपनी मनपसंद की गाय ले सकता है। लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से ही लाभार्थी को गाय प्रदान की जाएगी। मुख्य पशु चिकित्सा धिकारी डा रमेश पाठक ने बताया कि जनपद के 1000 अतिकुपोषित बच्चो को कुपोषण से मुक्ति हेतु गौमाता का सहारा लिया जा रहा है। कौन कौन पात्र गाय लेने को इच्छुक हैं इसका पता लगाया जाएगा और हो सकता है कि इसमें से कुछ लोग पहले से ही गाय पाल रखे हो। उन्होंने कहा कि जिनके पास गाय पालने के लिए स्थान होगा उन्हें वरीयता दी जाएगी ।गाय पालने हेतु लाभार्थी को हर माह 900 रुपए दिए जाएंगे, कुपोषित परिवार के यहां टीम सर्वे करेगी और उन्हें गाय उपलब्ध कराया जाएगा।

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