खबर काअसर:तहसीलदार ने लेखपाल, कानूनगो के साथ किया मौका मुआयना

ग्राम पंचायत पलहनापुर में दो दर्जन अवैध कब्जा धारक, लकिन कार्रवाई मात्र चार लोगों पर, चार लोगों के विरुद्ध   ध्वस्तीकरणआदेश  शेष एक दर्जन लोगों को अभयदान क्यों?

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लखीमपुर खीरी- मामला  तहसील गोला के गाव पलहनापुर का है जहां पर  शासन के आदेशों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाते हुए लेखपाल और परगना भूड के राजस्व निरीक्षक  पर पैसा लेकर सैकड़ो एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कराये जाने के आरोप लगाये गये हैं।इस अवैध कब्जा वाली जमीन में  ,मरघट, और 04 खलिहानों की जमीन, नवीन  परती की जमीन शामिल हैं ।ग्रामीणों का आरोप है कि जब से कानूनगो अरुणेश मिश्रा ने परगना भूड का चार्ज संभाला है तब से  ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा की बाढ़ सी आ गई है।
 
ग्रामीणों की जुबानी सत्य माने तो कानूनगो , एसडीएम गोला और  तहसीलदार  के मुंहलगा और तहसीलदार के कमाऊ कानूनगो जाने जाते हैं। सूत्रों की माने तो सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा की जानकारी  तहसील प्रशासन गोला को होने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। सूत्र बताते हैं कि इन्हीं कानूनगो  द्वारा जिनसे पैसा मिल जाता है उस पर कार्रवाई नहीं की जाती हैं  और जो पैसा नहीं  दे पाता है उसके ऊपर बेदखली की कार्रवाई की जाती है।
 
उक्त आरोप लगाते हुए लोगों ने सभी अवैध कबजेदारों के विरुद्ध समान कार्यवाही किए जाने तथा सरकारी जमीनों से अवैध कब्ज़ा हटाए जाने की मांग की है।ताजा मामला तहसील गोला के परगना भूड अंतर्गत ग्राम पहलनापुर का बताया जाता है जहाँ पर तहसील प्रशासन के संरक्षण में सैकड़ो बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिए जाने का मामला जन चर्चा का विषय बना है। सूत्र बताते हैं कुछ लोगों ने इस पर अपनी आलीशान इमारतें खड़ी कर ली हैं वहीं कुछ लोगों की खड़ी फैसले अवैध कब्जा की चीख चीख कर पुष्टि करती हैं।
 
उपरोक्त अवैध कब्जा के संबंध में पूर्ववर्ती क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा पक्षपात पूर्ण ढंग से  केवल 04 लोगों के विरुद्ध धारा 67  की कार्रवाई की थी।और शेष एक दर्जन लोगों से लाखों वसूल कर  अभयदान दे दिया गया था। सूत्र बताते हैं उक्त में बेदखली आदेश भी हो चुके हैं लेकिन साठ गांठ के चलते आज तक सरकारी जमीनों पर बने मकानों  का ध्वस्तीकरण नहीं कराया गया ना ही सरकारी जमीनों को  अवैध कब्जा मुक्त ही कराया गया। मामले में मिली जानकारी के अनुसार राजस्व निरीक्षक परगना भूड और लेखपाल मोहन कश्यप मामले की लीपापोती में लगे हुए हैं।
 
और हुए बेदखली आदेश को अपास्त करते के फेर में वर्तमान लेखपाल पर अवैध कबजेदारों के पक्ष में रिपोर्ट लगाकर पुनः बहस करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उक्त आरोप मेरा नहीं बल्कि गोला तहसील के विभागीय सूत्रों का है जिन्होंने दबी जुबान  नाम न छापने की शर्त पर मामले का खुलासा किया है। मिली जानकारी के अनुसार राजेंद्र सिंह पुत्र हरदयाल सिंह विजेंद्र सिंह पुत्र दयाल सिंह शिव बालक सिंह पुत्र हरदयाल सिंह गजेंद्र सिंह पुत्र हरदयाल आदि
 
अवैध कबजेदारों के विरुद्ध  बेदखली आदेश पारित होने की बात प्रकाश में आई है लेकिन मामले की साठ गांठ के चलते उपरोक्त मामले में लीपापोती का खेल चलने और अवैध कबजेदारों को संजीवनी दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।  पारित आदेश के विरुद्ध एसडीएम न्यायिक   के न्यायालय में लेखपाल पर पुनः जिरह करने का दबाव कानूनगो द्वारा बनाए जाने के आरोप ग्राम प्रधान  ने लगाये हैं ।प्रधान ने बताया  कानूनगो द्वारा कबजेदारों से मोटी रकम वसूलकर पारित बेदखली  आदेश  को अपास्त करने का कुचक्र चल रहा है। 

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