गोरखपुर हत्याकांड: पूर्व भाजपा नेता राजकुमार चौहान की मॉर्निंग वॉक पर क्रूर हत्या का खुलासा

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, साजिश की परतें खुल रही हैं – टीपर से साक्ष्य मिटाने की कोशिश नाकाम

शत्रुघन मणि त्रिपाठी  Picture
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ब्युरो:गोरखपुर कार्यालय (उत्तर प्रदेश)

गोरखपुर,   चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा गांव में 17 मार्च की सुबह हुई सनसनीखेज हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पूर्व भाजपा पार्षद प्रतिनिधि और प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान (उम्र 38 वर्ष) को मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली मारकर फिर चाकू से गोदकर मार डाला गया। पुलिस ने महज 12-15 घंटों में मुख्य आरोपियों को दबोच लिया, लेकिन परिवार का आरोप है कि असली साजिशकर्ता अभी भी बच निकले हैं।

घटना का क्रूर सच

सुबह करीब 5:30-6:15 बजे राजकुमार चौहान अपनी रोजाना मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। हमलावरों ने उन्हें घेर लिया – पहले गोली मारी, फिर मुर्गा काटने वाले चाकू से 11 से अधिक वार किए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद राजकुमार ने जान बचाने के लिए 100 मीटर तक भागने की कोशिश की, लेकिन हत्यारे पीछा करते रहे और लहूलुहान कर दिया। उन्हें BRD मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि मौत मुख्य रूप से चाकू के घावों से हुई, गोली घातक नहीं थी।

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पुलिस का त्वरित खुलासा

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पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज (कम से कम 8 कैमरे), कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और पुरानी रंजिश के आधार पर जांच की।
मुख्य गिरफ्तार आरोपी: राज चौहान उर्फ निरहुआ (पुत्र राम चंद्र चौहान) और विपिन यादव (पुत्र विजय बहादुर यादव) – दोनों डंपर/टीपर ड्राइवर और मृतक के ही गांव के।
कारण: आपसी रंजिश – मृतक के भतीजे नितेश से 4-6 महीने पुरानी मारपीट का बदला। भतीजे ने एक आरोपी पर हमला किया था, जिसका राजकुमार ने समर्थन किया। हत्या के बाद भतीजे को भी मारने की साजिश थी।

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साक्ष्य मिटाने की कोशिश: खून से सने कपड़े टीपर वाहन में छिपाकर जला दिए गए। पुलिस ने टीपर सीज किया, जले कपड़ों की राख और मोबाइल फोन बरामद किए। (टीपर नंबर UP 53 LT 9553 जैसा उल्लेख कुछ रिपोर्टों में।)

अन्य आरोपियों पर सवाल

परिजनों की तहरीर पर 8 नामजद थे। जांच में दीपक गौड़ का नाम प्रमुखता से उभरा – मुख्य आरोपी राज चौहान से पिछले 6 महीनों में 35 कॉल्स आए। पुलिस उसकी भूमिका की गहन जांच कर रही है। कुछ अन्य नाम (लालजी यादव उर्फ गट्टू, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव) और नाबालिग की संलिप्तता की बात चल रही है, लेकिन मुख्य गिरफ्तारी अभी दो पर केंद्रित। पुलिस की 8 टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

राजनीतिक गहमागहमी और परिवार का गुस्सा

पत्नी सुशीला देवी और परिवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि पुलिस असली साजिशकर्ताओं को बचा रही है, गिरफ्तारियां दिखावे की हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजपा महासचिव और राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा – "गोरखनाथ मंदिर के ठीक पीछे यह जगन्नाथ हत्याकांड हुआ। अपराधियों को बचाने वालों को राज्यसभा में नंगा किया जाएगा।"

कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। आरोपियों का आपराधिक इतिहास: हत्या, मारपीट, लूट जैसे पुराने मामले। यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, क्योंकि राजकुमार 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में राहत है, लेकिन जांच अभी जारी है। परिवार को बच्चों की पढ़ाई, नौकरी और सुरक्षा के साथ आर्थिक मदद का वादा किया गया है।

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