जर्मनी में भारतीय संविधान के आलोक में गठित चुनाव आयोग व अन्य वैधानिक संस्थानों पर निराधार टिप्पणी संविधान की अवमानना : हिन्दु विचार मंच, पाकुड़िया इकाई
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पाकुड़िया, पाकुड़,
झारखण्ड
भारत में लोकतंत्र और भारतीय संविधान के मूल विचार पर हमला होने के अलावा संवैधानिक संस्थाओं की आधारहीन आलोचना को राहुल की हताशा भरी ऐसी टिप्पणियों को हिन्दु विचार मंच ने भारतीय संविधान एवं विश्व के सर्वाधिक सफल राष्ट्र भारत की अस्मिता पर चोट कहा है। मंच ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कांग्रेस के लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नैराश्य तथा भारतीय प्रजातांत्रिक राष्ट्र के प्रति विवादास्पद आलोचना भारत को नीचा दिखाने का कुत्सित प्रयास रहा है, जिसे भारत का जनमानस कतई स्वीकार नहीं करेगा।
राहुल गांधी लोकसभा में भी तथ्यविहीन एवं बिना प्रमाणिक तथ्यों के आधार पर प्रश्न करते रहे हैं। यदि वे एसआईआर के क्रम में वोट चोरी का अमर्यादित आरोप चुनाव आयोग पर लगाते हैं तो इसे प्रमाणित करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय जाना चाहिए। जब भी राहुल विदेश यात्रा पर जाते हैं, वे भारतीय राष्ट्र एवं संवैधानिक सरकारी संस्थाओं के विरुद्ध बोलते रहे हैं।
यद्यपि ऐसे निराधार कथनों से न तो सरकार पर असर होगा और न ही राहुल गांधी को राजनीतिक लाभ मिलेगा। ऐसे आधारहीन बयानों से केवल भारत विरोधी लॉबी ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ ही देख प्रसन्न होते रहेंगे। राहुल गांधी हमास आतंकियों के पक्ष में मानवाधिकार की बातें कर संवेदना जताते हुए हितैषी बनते हैं, जबकि भारत में व्हाइट टेरर से राष्ट्रघाती हमले हुए, जिनमें निर्दोष लोगों की जानें गईं। राहुल चुप्पी साध लेते हैं।
वहीं पाकिस्तान तथा बांग्लादेश में होती रही घटनाओं और इन दिनों बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से सनातनियों पर हो रहे अमानवीय अत्याचार पर उनका मानवीय पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर क्यों नहीं बोलता? उस समय मुहब्बत की दुकान क्यों बंद हो जाती है? मुस्लिम आक्रांताओं, आतंकियों व देशद्रोहियों का पक्ष लेकर राहुल गांधी कभी भी सत्य के पीछे खड़े नहीं हो सकते—यही है भारतीय दर्शन।
हालांकि बांग्लादेश में किए जा रहे अल्पसंख्यकों पर भीषण अत्याचार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव पड़ता दिख रहा है और भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त भवन के समक्ष हिन्दुओं ने व्यापक विरोध जताया। हिन्दुओं की नृशंस हत्या तथा उत्पीड़न की तीव्र प्रतिक्रिया पर देश में लोगों ने रोष प्रकट कर भारत सरकार से बांग्लादेश पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बांग्लादेश में किए जा रहे हिन्दुओं के भीषण उत्पीड़न व हत्याओं के संदर्भ में पूछे जाने पर इसे भारत में मुसलमानों की मस्जिदें और मॉब लिंचिंग की प्रक्रिया से जोड़ दिया। दिग्विजय सिंह तथा कांग्रेसी नेताओं के ऐसे हिन्दू विरोधी कथनों पर हिन्दु विचार मंच ने स्वतंत्रता से लेकर अब तक की सनातन विरोधी मानसिकता की तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
मंच ने कहा है कि ऐसे नेताओं को भारत सहित सम्पूर्ण विश्व को बताना चाहिए कि सातवीं शताब्दी में मुस्लिम आक्रांताओं मीर कासिम, गजनवी, गोरी, बख्तियार खिलजी एवं मुगल बादशाहों, विशेष रूप से औरंगजेब जैसे क्रूर मुस्लिम शासकों ने भारत में सनातनियों पर कितने अनगिनत अमानवीय कृत्य किए हैं। वहीं भारतवर्ष में जम्मू-कश्मीर राज्य में मुस्लिम आतंकियों ने हिन्दुओं पर कितना अत्याचार किया—क्या कांग्रेस के नेताओं में यह बताने का साहस है?
मंच ने पूछा है कि विगत 14 वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार के शासनकाल में कौन-सी मस्जिद ध्वस्त की गई है? आतंकियों व भूमाफिया के अवैध कब्जे वाली सरकारी जमीन के सिवाय कौन-सी मस्जिदें या मीनारें तोड़ी गई हैं? और अकारण कौन-सी मुस्लिम हत्याएं हिन्दुओं या सरकारों द्वारा कराई गई हैं? यह सत्य है कि कुछ मुस्लिमों की हत्याएं भीड़ द्वारा की गई हैं, परंतु कार्रवाई भी हुई है।
जबकि भारत में हिन्दुओं की शोभायात्राओं पर अकारण हमले, जबरन धर्मांतरण, मुस्लिम आतंकी घटनाएं, थूक जिहाद तथा विगत दिनों व्हाइट टेरर की घटना में मुस्लिम प्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा अकारण कितने लोगों की जानें ली गईं—क्या इस पर किसी कांग्रेसी नेता ने विरोध या निंदा की? क्या ऐसे राष्ट्रद्रोही कामों में लिप्त मुस्लिम आतंकियों पर कठोर कार्रवाई करना आम मुस्लिम भाइयों पर उत्पीड़न है? कांग्रेस देश के मुस्लिम भाइयों को आज़ादी के बाद से ही भ्रमित करती रही है, सिर्फ वोट के लिए। यदि वे मुस्लिम भाइयों की प्रगति करती तो उनका पूरा भला होता।
विगत चौदह वर्षों में नरेंद्र मोदी तथा भाजपा के शासनकाल में मुस्लिम भाइयों को सभी प्रकार का लाभ मिलता रहा है। उल्टे केंद्रीय सरकार की ओर से विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी केंद्रीय मंत्री चादर चढ़ाने गए, लेकिन भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर यह मांग की गई है कि चादर चढ़ाने से रोकने की कृपा की जाए। उक्त समाचार 23 दिसंबर के प्रभात खबर में प्रकाशित हुआ है।
विश्व जानता है कि भारत ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा के साथ अब तक खड़ा है, लेकिन कांग्रेस के नेता और विशेष रूप से राहुल गांधी सनातन मान्य सांस्कृतिक मूल्यों की निंदा कर विश्व, विशेषकर भारत सहित विश्व के सभी मुस्लिम देशों को तुष्ट करते रहे हैं। परंतु भारत के राष्ट्रवादी मुस्लिम भाई अपने इस्लाम मजहब को मानते हुए भ्रमित न होकर पूर्णतः भारतीय हैं और राष्ट्रहित में सहभागिता भी दर्शाते रहे हैं। ऐसे राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत मुस्लिम भाइयों को देश सदैव सम्मान देता रहेगा।
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