जोकनई गौशाला में बीमार पशुओं की अनदेखी, बदहाली, कई की मौत, चारा-पानी का अभाव

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प्रयागराज। कौंधियारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोकनई स्थित अस्थाई गौशाला में पशुओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है।दर्जनों पशु गंभीर रूप से बीमार पड़े हैं,जबकि कुछ बीमार पशुओं को कौवों द्वारा नोचते हुए देखा गया,जो व्यवस्थाओं की पोल खोलता है। साफ-सफाई के अभाव में गौशाला में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे संक्रमण फैलने का लगातार खतरा बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पशुओं के नाम पर सरकार द्वारा निर्धारित धनराशि समय से आ रही है, इसके बावजूद गौशाला में पशुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। समय रहते यदि पशु चिकित्सक द्वारा इलाज किया गया होता, तो आज इतनी भयावह स्थिति ना होती। इलाज के अभाव में कई पशु तड़प रहे हैं,और कुछ की मौत तक हो चुकी है।
 
जिससे पशु प्रेमियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। अस्थाई गौशाला में लगभग 200 से अधिक पशु हैं,लेकिन उनके चारे-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। पशुओं को केवल सूखा भूसा दिया जा रहा है। जबकि कागज में हरा चारा भी दिखाया जाता है। काफी समय से गौशाला में लगे हैंडपंप के खराब होने से पानी की भी समस्या है,जिसके कारण समय से पशुओं को पानी भी नहीं मिल पाता,और पूरे दिन प्यासे तड़पते रहते हैं। इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान नन्हेंलाल गुप्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं, जब उनसे इस मामले में जानकारी लेने का प्रयास किया गया,तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया।
 
इससे ग्रामीणों में नाराजगी और भी बढ़ गई है।लोगों का कहना है कि अस्थाई गौशाला की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है,और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हुए है। ग्रामीण और पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग किया है, कि तत्काल पशु चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमार पशुओं का इलाज कराया जाए, साफ सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए,और चारे-पानी की भी नियमित व्यवस्था कर दी जाए। इसके अलावा गौशाला में कार्यरत कर्मचारियों के लापरवाही बरतने पर उन्हें कड़े से कड़ा दंड भी दिया जाए।फिलहाल जोकनई गांव स्थित अस्थाई गौशाला की स्थिति बेहद दयनीय है, इसके जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी सहित ग्राम प्रधान भी हैं। 

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