भारतीय कृषि में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है :.डी. के. सिंह
स्वतंत्र प्रभात ।
ब्यूरो प्रयागराज।
भारत किसानों का देश है और भारतीय कृषि में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। चाहे फसलों की रोपाई या बुवाई ,चाहे कटाई माडाई हो क्या चाहे पशुपालन हो सभी क्षेत्रों में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है ।
उक्त बातें डॉ. डी.के.सिंह, प्रधानाचार्य मोतीलाल नेहरू फार्मरस ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट कॉर्डेट इफको फूलपुर ने मुख्य अतिथि ग्राम बागई कला की कृषक महिलाओं हेतु आयोजित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कहीं ।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि इफको के नैनो उर्वरक जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं को जरूर प्रयोग करें। प्रधानाचार्य ने उपस्थित महिला कृषक प्रतिभागियों को कार्डेट एवं इफको के क्रियाकलाप से परिचित कराया तथा धान की फसल में नैनो यूरिया प्लस, नैनो कॉपर, नैनो जिंक, एवं नैनो डीएपी के प्रयोग की विस्तार से जानकारी दी।
इसी क्रम में फल संरक्षण एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाई प्रभारी सविता शुक्ला ने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के अचार एवं मुरब्बों को बनाने के तौर तरीकों की विस्तार से जानकारी दी साथ ही स्वयं सहायता के समूह के महत्व को भी समझाया। प्रभारी प्रशिक्षण मुकेश तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन किया एवं स्वस्थ व टिकाऊ खेती के लिए मृदा परीक्षण के महत्व को बताया एवं कृषि में जैव उर्वरकों एवं जैव अपघटकों के प्रयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य ने सभी प्रतिभागियों को नैनो उर्वरकों एवं जैव उर्वरकों के धान फसल पर लगे ट्रायल्स का तथा कारडेट की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान बगई कला प्रताप बहादुर सिंह सहित कॉर्डेट फूलपुर के अधिकारी डॉ. हरिश्चंद्र,सुमित तेवतिया, अंजली चौधरी, डॉक्टर अनुराधा राय एवं राजेश कुमार सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


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