बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम बना आम नागरिकों का सशक्त माध्यम

कैलाश मेहता को पांच माह से लंबित जमीन संबंधित अभिलेख हुआ प्राप्त

BIHAR SWATANTRA PRABHAT Picture
Published On

सुपौल (निर्मली)।

बिहार सरकार द्वारा प्रशासनिक पारदर्शिता और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 आमजन के लिए एक मजबूत हथियार बनकर उभरा है। इस अधिनियम के तहत नागरिक बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सरकारी सेवाओं में आ रही परेशानियों का समाधान पा रहे हैं।

ऐसा ही एक उदाहरण सुपौल जिला अंतर्गत निर्मली के कैलाश मेहता का है, जिन्होंने मौजा रहरिया, थाना नं. 34, पंजी-2 के तहत संधारित जमाबंदी संख्या 58, 5, 148, 156 एवं 86 से जुड़ी जमीन अभिलेखों के लिए कई बार अंचल कार्यालय, निर्मली से संपर्क किया, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

थक-हारकर कैलाश मेहता ने 06 जून 2025 को परिवाद संख्या 506110106062501984 के तहत अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, निर्मली के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पदाधिकारी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अंचलाधिकारी, निर्मली को सूचना भेजी गई। इसके पश्चात पत्रांक-886, दिनांक 16.07.2025 के माध्यम से अंचलाधिकारी ने सूचित किया कि संबंधित सभी अभिलेख अंचल कार्यालय में उपलब्ध हैं और परिवादी को सूचना (चिरकुट) उपलब्ध कराई जा चुकी है। कुल छह चिरकुट राजस्व कर्मचारी द्वारा सौंपे गए।

हड़ताल के बीच बाहरी मजदूरों से कचरा उठवाना पड़ा भारी Read More हड़ताल के बीच बाहरी मजदूरों से कचरा उठवाना पड़ा भारी

इस निष्पक्ष और समयबद्ध कार्यवाही से संतुष्ट होकर कैलाश मेहता ने कहा, "जो कार्य पिछले पांच महीनों से रुका था, वह लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत महज कुछ दिनों में पूर्ण हो गया। यह कानून आम लोगों के लिए अधिकार और भरोसे का प्रतीक है।"

विकास के नए स्वरूप के साथ तैयार है फतेहपुर रेलवे स्टेशन Read More विकास के नए स्वरूप के साथ तैयार है फतेहपुर रेलवे स्टेशन

गौरतलब है कि इस अधिनियम के अंतर्गत अब तक 17 लाख से अधिक मामलों का सफल निवारण हो चुका है। शिकायत निवारण के लिए परिवादी को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है; वे घर बैठे ही ऑनलाइन पोर्टल https://lokshikayat.bihar.gov.in, जन समाधान मोबाइल ऐप या टोल-फ्री नंबर 18003456284 के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लगाई फटकार Read More मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लगाई फटकार

राज्य में इस अधिनियम के क्रियान्वयन से न केवल सरकारी तंत्र की जवाबदेही बढ़ी है, बल्कि आम जनता का विश्वास भी सशक्त रूप से जुड़ा है।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें