प्रधान पर विकास कार्यो में बदरबांट, शिकायत करने वालों को धमकी देने का आरोप

ग्रामीणों ने डीएम से किया मामलों के जांच, धन के रिकबरी की मांग

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ग्रामीणों का कहना जिला अधिकारी को कई शिकायत पत्र देने के बावजूद भी कार्रवाई न होना एक गंभीर मुद्दा बन गया है

बस्ती।
 
बस्ती जिले में भ्रष्टाचार इस कदर पांव जमा लिया है जिले की जिम्मेदार अधिकारी भी इस भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगाने से नहीं चूक रहे हैं बस्ती जिले की यह दुर्दशा किसी सरकार में नहीं हुई थी जो आज पुलिस और राजस्व और विकास विभाग मिलकर कर रहा है गरीबों की रोटी छीन रहा है गरीबों के घर कब्जे हो रहे हैं गरीबों का खेत खलियान कब्जा हो रहा है सबसे बड़ी कमी राजस्व और पुलिस और विकास विभाग की है l
 
जो मुख्यमंत्री मामले को ध्यान नहीं दे रहे हैं ऐसे फर्स्ट अफसर को तत्काल जिले से हटाया जाए ग्राम पंचायतों में घटिया विकास कार्य, मनमानी, सरकारी धन के बंदरबांट के मामले लगातार बढते जा रहे हैं। शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्यवाही न होने के कारण लोगों का गुस्सा बढता जा रहा है।
 
इसी कड़ी में गुरूवार को बनकटी विकास खण्ड के थरौली निवासी अभयदेव शुक्ल के नेतृत्व में ग्रामीणांें ने ग्राम प्रधान और सचिव के साथ ही विकास खण्ड स्तर पर सहयोग से की जा रही धांधली, मनरेगा में भ्रष्टाचार, घटिया सी.सी. रोड निर्माण के सवाल को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद डीएम को सम्बोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को साैंंपा।
 
मांग किया कि विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई के साथ ही धन के बंदरबाट मामले में धन की रिकबरी कराया जाय।ज्ञापन देने के बाद अभयदेव शुक्ल ने कहा कि थरौली ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान पार्वती देवी पत्नी स्व. महेश और उनके प्रतिनिधि सुनील पाण्डेय, और पूर्व सचिव, खण्ड विकास अधिकारी भवानी प्रसाद शुक्ल की मिलीभगत से विकास कार्यो में खुलकर बंदरबांट किया गया। अनेकों बार मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक शिकायत करने के बावजूद जब कोई कार्रवाई न हुई तो विवश होकर  धरना देना पड़ा।
 
चेतावनी दिया कि यदि प्रभावी कार्यवाही न हुई तो आन्दोलन को जन सहयोग से और तेज किया जायेगा। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम प्रधान, उनके प्रतिनिधि और पालतू गुण्डे विरोध करने वालों को धमकियां देने के साथ मारते पीटते हैं और थाने पर शिकायत  भी सुनी नहीं जाती। ग्रामीणों को अन्देशा है कि धरना और ज्ञापन देने वालांें के विरूद्ध ग्राम प्रधान और उनके प्रतिनिधि द्वारा कोई भी अनहोनी करायी जा सकती है। मांग किया कि जांच के साथ ही सुरक्षा के भी  प्रबन्ध कराये जाय।
 
धरना प्रदर्शन और ज्ञापन देेने वालों में मुख्य रूप से अनुराग शुक्ल, विनय देव, डा. संजीव शुक्ल, आनन्द शुक्ल, रवीश शुक्ल, संतबली, राकेश यादव, तीर्थराज चौधरी, धर्मराज चौधरी, अम्बिका यादव, गीता देवी, सावित्री, सुधा, गायत्री, श्यामादेवी, राजेश्वरी के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

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