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राजस्व परिषद पर्यवेक्षक की समीक्षा बैठक: किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्देश
गोरखपुर । राजस्व परिषद पर्यवेक्षक/प्रभारी स्पेशल ड्यूटी अफसर सुनील कुमार झा ने गोरखपुर में एक समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने किसानों से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जिनका उद्देश्य किसानों को अधिक लाभ पहुंचाना और राजस्व कार्यों में पारदर्शिता लाना है।
एग्री स्टैक और कृषि गणना: श्री झा ने एग्री स्टैक और कृषि गणना के दूसरे और तीसरे चरण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसलों के आंकड़े प्राप्त होंगे, जिससे किसानों के लिए योजनाएं बनाने में सुविधा होगी।
रियल टाइम खतौनी और अंश निर्धारण:
उन्होंने रियल टाइम खतौनी और अंश निर्धारण में त्रुटियों को सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए और सभी कार्य समय पर पूरे होने चाहिए। घरौनी वितरण: श्री झा ने घरौनी वितरण को शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है और इसे प्राथमिकता से पूरा किया जाना चाहिए।
राजस्व वसूली और वाद: उन्होंने राजस्व वसूली और लंबित वादों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व वसूली में लापरवाही न करने और लंबित वादों का जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मजिस्ट्रेट वादों का निस्तारण करते समय न्याय संगत आदेश करना सुनिश्चित करें।
सरकारी और ग्राम सभा की भूमि: श्री झा ने सरकारी और ग्राम सभा की भूमि को कब्जा मुक्त कराने और उस पर पुनः कब्जा न हो इसके लिए पेड़ लगाने और घास की बुवाई करने के निर्देश दिए।
सीमा स्तंभ: उन्होंने सीमा स्तंभ लगाने के कार्य को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि लेखपालों द्वारा किए गए इस कार्य का सत्यापन उच्च अधिकारियों से कराया जाए। उन्होंने जर्जर अवस्था में सीमा स्तंभों की सूची बनवाने के भी निर्देश दिए।
अधिकारियों को निर्देश
श्री झा ने सभी राजस्व अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी निभाने और किसानों के हित में कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रोएक्टिव रहने और लीडरशिप बनाए रखने के लिए भी कहा।
बैठक का महत्व
यह बैठक किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए आयोजित की गई थी। श्री झा के निर्देशों से किसानों को निश्चित रूप से लाभ होगा और राजस्व कार्यों में पारदर्शिता आएगी।


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